इकराम चौधरी
नित्य संदेश, मेरठ। प्रसिद्ध धार्मिक शिक्षण संस्थान जामिया महमूदिया अलीपुर के नायब मोहतमिम मौलाना मुफ़्ती महमूद हसन पुत्र मुफ़्ती फारूक से इकराम चौधरी ने विशेष मुलाकात की। यह मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें दीन-ए-इस्लाम की तालीम, मदरसों की भूमिका, सामाजिक सुधार और नई पीढ़ी के नैतिक मार्गदर्शन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मौलाना मुफ़्ती महमूद हसन ने कहा कि आज के दौर में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा का संतुलन बेहद आवश्यक है, ताकि समाज में जागरूक, शिक्षित और जिम्मेदार नागरिक तैयार किए जा सकें। उन्होंने कहा कि मदरसे केवल धार्मिक तालीम ही नहीं देते, बल्कि इंसानियत, भाईचारे, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा प्रदान करते हैं। इस दौरान उन्होंने समाज में फैल रही बुराइयों, युवाओं में बढ़ती नशाखोरी, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव और शिक्षा के गिरते स्तर पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की तालीम और तरबियत पर विशेष ध्यान देना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इकराम चौधरी ने कहा कि समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले धार्मिक एवं सामाजिक संस्थानों की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाना मीडिया की जिम्मेदारी है। उन्होंने जामिया महमूदिया अलीपुर द्वारा शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
मुलाकात के अंत में सभी से अपील करते हुए समाज में अमन, भाईचारा और शिक्षा कोबढ़ावा देने के लिए मिलकर सकारात्मक प्रयास जारी रखने की बात कही। इस मुलाकात के दौरान डॉक्टर मोहम्मद शादाब, हजरत मौलाना मुजीब मौजूद रहे। इस मौके पर डॉक्टर मोहम्मद शादाब एवं हजरत मौलाना मुजीब ने भी सभी से अपने बच्चों को दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम हासिल करने की अपील की तथा कहा की अपने बच्चों को हाफिज कारी मौलवी बनाएं तथा इसी के साथ इंजीनियर डॉक्टर प्रोफेसर आईएएस पीसीएस जरूर बनाएं इस्लाम इसकी हमें इजाजत देता है की इल्म सीखने के लिए कितना लंबा सफर क्यों न करना पड़े अपने बच्चों को तालीम से जोड़ा जाए

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