Sunday, May 3, 2026

आधार कार्ड के स्वरूप में बदलाव का दावा पूरी तरह फर्जी

 

केन्द्र सरकार ने भ्रामक खबरों पर जारी की चेतावनी

नित्य संदेश ब्यूरो 

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने उन तमाम सोशल मीडिया रिपोर्टों और वायरल दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें यह कहा जा रहा था कि आधार कार्ड के डिजाइन में बड़ा बदलाव कर इसे एक नए और संक्षिप्त फॉर्मेट में जारी किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने रविवार को एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि आधार कार्ड को बदलकर केवल फोटोग्राफ और क्यूआर कोड तक सीमित करने का कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मंत्रालय ने ऐसी खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएं आम जनता के बीच अनावश्यक भ्रम और भय का माहौल पैदा कर रही हैं, जबकि विभाग की ऐसी कोई योजना नहीं है।

​सरकार ने आधार की सुरक्षा और इसकी व्यापकता पर जोर देते हुए बताया कि वर्तमान में देश में लगभग 134 करोड़ आधार उपयोगकर्ता हैं और यह दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली बन चुकी है। 

अब तक आधार के माध्यम से 17,000 करोड़ से अधिक सफल प्रमाणीकरण (Authentication) लेनदेन पूरे किए जा चुके हैं, जो विभिन्न सरकारी और निजी सेवाओं के सत्यापन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं। 

मंत्रालय ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और आग्रह किया है कि वे केवल भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के आधिकारिक चैनलों या पीआईबी (PIB) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्तियों पर ही भरोसा करें। साथ ही, मीडिया संस्थानों को भी निर्देशित किया गया है कि वे बिना पुष्टि के ऐसी किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें।









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