नित्य संदेश ब्यूरो
देवास। 31 मई लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 302वीं जयंती के अवसर पर नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा एक निजी शिक्षण संस्थान में विचार गोष्ठी एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने अहिल्याबाई होल्कर के आदर्श जीवन,कुशल प्रशासन, न्यायप्रियता एवं जनकल्याणकारी कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें राष्ट्र की प्रेरणास्रोत महान विभूति बताया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम देवेंद्र बंसल ने अहिल्याबाई होल्कर के जीवनवृत्त एवं उनके सामाजिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक योगदान पर विस्तृत जानकारी दी। प्रोफेसर श्रीमती शर्मिला कांटे ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि अहिल्याबाई का व्यक्तित्व आज भी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
अमनदीप खनूजा ने उनके द्वारा निर्मित तालाबों, घाटों, मंदिरों एवं अन्य जनोपयोगी निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए उनके दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की। दीक्षा दुबे ने कहा कि लोकमाता का योगदान इतना व्यापक और युगांतकारी रहा है कि तीन शताब्दियों बाद भी समाज उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण कर रहा है। हजारीलाल जाट ने उनके शिक्षा में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बताया, कमलकांत मेहता ने अहिल्याबाई होल्कर की न्यायप्रियता एवं सुशासन पर अपने विचार व्यक्त किए, वहीं नितिन गहिले ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति एवं सेवा भाव की अनुपम प्रतीक बताया। कार्यक्रम का संचालन अमितराव पवार ने एवं अशोक सोमानी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। गोष्ठी में नगर के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।


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