नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। शहर के पास महू में रविवार सुबह 7:30 बजे नर्मदा-क्षिप्रा पाइप लाइन फट गई। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना इंदौर-खंडवा रोड स्थित भेरूघाट के पास की है। पाइप लाइन फटते ही तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और पानी का विशाल फव्वारा करीब 150 फीट ऊंचाई तक उठने लगा। पाइपलाइन में पानी का दबाव इतना अधिक था कि फव्वारा पास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन की ऊंचाई तक पहुंचता दिखाई दिया।....
घरों में घुसा पानी, हजारों का नुकसान
भेरूघाट क्षेत्र में रहने वाले विजय कोहली और सुगंध बाई कोहली ने बताया कि उनके परिवार के पांच मकान हैं। रविवार सुबह करीब 7:30 बजे अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही मिनटों में तेज रफ्तार से पानी उनके घरों की ओर बढ़ने लगा। स्थिति को देखते हुए परिवार के लोग जान बचाकर घरों से बाहर निकल आए।
उन्होंने बताया कि पानी का बहाव इतना तेज था कि घरों में रखा घरेलू सामान, राशन और अन्य सामग्री पानी में भीग गई। कई सामान बह भी गए, जिससे हजारों रुपए का नुकसान हुआ है। तेज बहाव में बह गया कच्चा मकान...घटना स्थल के पास वन विभाग की रोपणी भी स्थित है। यहांचौकीदार का कच्चा मकान बना हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी का बहाव इतना तेज था कि पूरा कच्चा मकान सामान सहित बह गया। वहीं भेरू बाबा मंदिर के समीप स्थित बाबा ढाबा का टीन शेड भी पानी में बह गया।
ओंकारेश्वर से उज्जैन तक जाती है पाइपलाइन
स्थानीय निवासी सचिन कोहली ने बताया कि यह पाइपलाइन ओंकारेश्वर से उज्जैन तक जाने वाली नर्मदा-क्षिप्रा परियोजना का हिस्सा है। सुबह अचानक पाइपलाइन फटने से पानी का तेज फव्वारा उठने लगा और आसपास के क्षेत्र में पानी फैल गया। लगभग एक घंटे तक पानी का तेज बहाव जारी रहा, जिसके बाद करीब 8:30 बजे सप्लाई बंद होने पर स्थिति सामान्य हुई।
सचिन के अनुसार पानी के साथ बड़े-बड़े पत्थर भी उछलकर घरों तक पहुंच रहे थे। इसके कारण कई मकानों की टीन की चादरें तक क्षतिग्रस्त हो गईं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में इस तरह की घटना पहली बार हुई है। इससे पहले कभी पाइपलाइन फटने की स्थिति नहीं बनी थी।
लीकेज की शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय निवासी रवि कोहली का आरोप है कि पाइपलाइन में कई दिनों से लीकेज की समस्या थी। इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी दी गई थी। इसके बावजूद समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि यदि शिकायतों पर ध्यान दिया जाता तो यह बड़ा हादसा टाला जा सकता था। अब स्थानीय लोग पूरे मामले की जांच और नुकसान के आकलन की मांग कर रहे हैं।



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