Breaking

Your Ads Here

Friday, April 17, 2026

धूमधाम से मनाया गया श्री कृष्ण-रूक्मिणी मंगल विवाह

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। कंकर खेड़ा स्थित श्रद्धापुरी सेक्टर 4,फेस 1 में श्री मद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के परायण में आज छठवें दिन कथा वाचक आचार्य श्री श्याम सुंदर पाण्डेय जी महाराज श्री धाम वृंदावन ने श्री मद्भागवत कथा में "श्री कृष्ण रूक्मिणी मंगल विवाह का सुंदर चित्रण करते हुए कहा कि माता रूक्मिणी मां कात्यायनी देवी की पूजा अर्चना करने मंदिर गई तब  भगवान श्रीकृष्ण जी का वहां आगमन हुआ और माता रूक्मिणी को दिये वचन के अनुसार सबके सामने  माता रूक्मिणी का हरण कर लिया। 

माता रूक्मिणी के भाई राजकुमार रूक्मी के साथ भगवान का युद्ध हुआ और जब भगवान रूक्मी का वध करने लगे तब माता रूक्मिणी ने भगवान से अपने भाई को जीवन दान देने की प्रार्थना की। द्वारका जाकर भगवान का माता रूक्मिणी से विधिविधान से मंगल विवाह हुआ।दूसरे कथा प्रसंग में कंस वध का वर्णन करते हुए कहा कि देवर्षि नारद ने राजा कंस से कहा, राजन मथुरा में एक मेले का आयोजन करो जिसमें शिव जी के धनुष को स्थापित करो।ब्रज में निमंत्रण भेजो तथा श्री कृष्ण और बलराम को मथुरा बुलाओ।कंस ने इस कार्य के लिए अक्रूर जी को गोकुल भेजा तथा कुवलया पीड़ हाथी और अपने पहलवानों चाणूर तथा मुष्टिक के द्वारा श्रीकृष्ण तथा बलराम को मरवाने की योजना बनाई लेकिन भगवान ने कुवलयापीड़ हाथी एवं चाणूर, मुष्टिक दोनों को यमलोक भेज दिया तथा अन्त में कंस का भी वध कर दिया।

आज की कथा के यजमान वीरेंद्र सिंह तोमर व पवन कुमार रहे। इस अवसर  रविन्द्र शर्मा,शिव कुमार त्यागी,अमित गौतम,सुमन सहरावत, मनोरमा शर्मा  आदि उपस्थित रहे। वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति अध्यक्ष महेन्द्र कुमार रस्तौगी का विशेष सहयोग रहा।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here