नित्य संदेश ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में शिक्षा और युवा सशक्तिकरण को नई दिशा प्रदान करते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के वंचित एवं कमजोर वर्ग के कक्षा 9, 10 तथा दशमोत्तर (पोस्ट-मैट्रिक) के 27,99,982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹3,350 करोड़ की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि का सीधा हस्तांतरण किया।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 33,334 आश्रित लाभार्थियों को ₹100 करोड़ की वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई। यह प्रयास इस प्रतिबद्धता को दोहराता है कि आर्थिक तंगी राज्य के किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य में बाधक नहीं बनेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 'सबका साथ-सबका विकास' के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य जाति या संप्रदाय से ऊपर उठकर समाज के सभी वर्गों का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के सपनों को संबल देना और उन्हें बेहतर भविष्य प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
'सपनों को पंख, छात्रवृत्ति के संग' के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही यह योजना प्रदेश के लाखों युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ा रही है। इस छात्रवृत्ति का लाभ पाने वाले विद्यार्थियों, जैसे कि नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी और छात्र वैभव, ने इसे अपनी उच्च शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इसी नियमित सहायता से उनकी पढ़ाई बिना किसी आर्थिक अवरोध के सुचारू रूप से चल पा रही है।




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