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Saturday, March 28, 2026

मेरठ में अवैध यूनीपोल की भरमार, एडवोकेट राम कुमार ने उठाया मुद्दा

 



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। एडवोकेट राम कुमार शर्मा ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त एवं नगर आयुक्त को प्रार्थना पत्र भेजकर शिकायत की है। जिसमें उन्होंने नगर निगम मेरठ क्षेत्र में अवैध यूनिपोल के विरुद्ध आवाज उठाई है। आरोप है कि करोड़ों के राजस्व घोटाले, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन तथा सर्वोच्च न्यायालय/उच्च न्यायालय का उल्लंघन किया जा रहा है।

बताया कि उनके द्वारा पूर्व में भी कई बार मेरठ नगर निगम क्षेत्र में अवैध यूनिपोल (विज्ञापन पोल) के संबंध में शिकायतें प्रस्तुत की गई हैं, किन्तु अब तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर एवं जन-जीवन के लिए खतरनाक हो गई है। यह तथ्य अत्यंत चिंताजनक है कि मेरठ नगर निगम क्षेत्र में बड़ी संख्या में यूनिपोल पूर्णतः अवैध रूप से स्थापित हैं। एक ही स्वीकृति संख्या (Permit Number) के आधार पर अनेक स्थानों पर यूनिपोल लगाए गए हैं, जो स्पष्ट रूप से नियमों एवं नीतियों का उल्लंघन है।

राजस्व घोटाला एवं भ्रष्टाचार:

यह भी स्पष्ट रूप से संज्ञान में आया है कि संबंधित ठेकेदारों, विज्ञापन एजेंसियों एवं नगर निगम के कर्मचारियों/अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध यूनिपोल लगाकर करोड़ों रुपए के विज्ञापन प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जिन पर कोई वैध शुल्क/कर जमा नहीं किया जा रहा। इस प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही है तथा शासन की छवि को धूमिल किया जा रहा है। यह कृत्य भ्रष्टाचार, आपराधिक कदाचार एवं वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।

सुरक्षा मानकों का उल्लंघन:

यूनिपोल स्थापना हेतु निर्धारित मानकों—जैसे संरचनात्मक स्थिरता (Structural Stability), फाउंडेशन की मजबूती, यातायात सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, दूरी मानक आदि—का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। गत 18/04/2025 को आई तेज आंधी के दौरान अनेक यूनिपोल गिर गए थे, जिससे नागरिक घायल हुए एवं वाहनों को क्षति पहुंची। दिनांक 28/03/2026 को मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने हल्की हवा में ही यूनिपोल गिर जाना इस गंभीर लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

न्यायालयों के दिशा-निर्देश:

माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Municipal Corporation of Greater Mumbai vs. Bharat Petroleum Corporation Ltd. & Ors. (2015) सहित विभिन्न मामलों में अवैध होर्डिंग्स/विज्ञापन संरचनाओं को हटाने एवं सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

इसी प्रकार विभिन्न उच्च न्यायालयों द्वारा भी यह निर्देशित किया गया है कि—

 • बिना अनुमति कोई विज्ञापन संरचना स्थापित न हो,

 • सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य हो,

 • अवैध होर्डिंग्स को तत्काल हटाया जाए,

 • दोषी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देश (GO/नीतियां):

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों एवं नगर निकाय विज्ञापन नीति (Outdoor Advertisement Policy) के अंतर्गत स्पष्ट प्रावधान हैं कि—

 1. प्रत्येक विज्ञापन/यूनिपोल के लिए पृथक अनुमति एवं यूनिक आईडी आवश्यक है।

 2. निर्धारित शुल्क/कर की वसूली अनिवार्य है।

 3. संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाणपत्र (Structural Safety Certificate) आवश्यक है।

 4. सड़क, चौराहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।

 5. अवैध विज्ञापन संरचनाओं को तत्काल हटाकर संबंधित से वसूली एवं दंडात्मक कार्यवाही की जाए।

किन्तु मेरठ नगर निगम क्षेत्र में उपरोक्त सभी आदेशों एवं नीतियों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है।

अतः आपसे निवेदन है कि:

 1. मेरठ नगर निगम क्षेत्र में लगे सभी यूनिपोल का तत्काल भौतिक सत्यापन (Physical Survey) कराया जाए।

 2. एक ही अनुमति संख्या पर लगे बहु-स्थानों के यूनिपोल की जांच कर अवैध यूनिपोल तत्काल हटाए जाएं।

 3. सभी यूनिपोल की स्वतंत्र एजेंसी से संरचनात्मक सुरक्षा जांच (Structural Audit) कराई जाए।

 4. अवैध यूनिपोल के माध्यम से हुए करोड़ों के राजस्व नुकसान का आकलन कर संबंधित ठेकेदारों, विज्ञापन कंपनियों एवं अधिकारियों से वसूली की जाए।

 5. संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं में आपराधिक कार्यवाही की जाए।

 6. उत्तर प्रदेश शासन की विज्ञापन नीति एवं माननीय न्यायालयों के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।

 7. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु जवाबदेही तय कर सख्त निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।

यह मामला जनहित, सार्वजनिक सुरक्षा एवं सरकारी राजस्व से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है, जिस पर तत्काल कठोर कार्यवाही अपेक्षित है।

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