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Monday, March 30, 2026

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय मेरठ में 30 एवं 31 मार्च 2026 को उच्च शिक्षा विभाग,उत्तर प्रदेश द्वारा स्पॉन्सर्ड दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है जिसका विषय है - आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बियोंड टेक्नोलॉजी, शेपिंग साइंस, सोसायटी एंड फ्यूचर। सेमिनार के आयोजन कन्वीनर प्रोफेसर सत्यपाल सिंह राणा एवं आर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ गौरी द्वारा किया गया।


 आज सेमीनार के प्रथम दिवस पर उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर वाई. विमला, वाइस चांसलर, माँ शाकुंभरी देवी विश्वविद्यालय, सहारनपुर, मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर अनुज त्यागी, रेडियोलॉजी विभाग, लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कॉलेज मेरठ एवं संरक्षिका महाविद्यालय प्राचार्य प्रो (डॉ.)अंजू सिंह उपस्थित रहीं। उद्घाटन सत्र का प्रारंभ सर्वप्रथम मंचासीन अतिथियों द्वारा सरस्वती मां की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण द्वारा किया गया जिसके साथ  ही संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।

 


महाविद्यालय प्राचार्य द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया, सेमिनार के समन्वयक प्रो. सत्यपाल सिंह राणा एवं डॉ. गौरी ने महाविद्यालय प्राचार्य का भी पुष्पगुच्छ, शाल और प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। इसके पश्चात सेमिनार समन्वयक द्वारा मंच से सेमिनार के उद्देश्य, महत्व एवं संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की गई जिसमे उन्होंने बताया कि AI आधुनिक जीवन की सबसे आधुनिक तकनीक है जो नई पीढ़ी को दिशा प्रदान कर रही है, प्रस्तुत सेमिनार इसके समुचित उपयोग, दुरुपयोग को इंगित करने का एक प्रयास है जिसका आयोजन हाइब्रिड मोड में किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक प्रतिभागियों और बुद्धिजीवियों तक विचार प्रस्तुतीकरण करने का अवसर प्रदान किया जा सके । सेमिनार का संचालन प्रोफेसर ऊषा साहनी द्वारा किया गया। सम्मानित मंच द्वारा सेमिनार की सोविनियर का भी प्रदार्पण किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. ( डॉ.) अंजू सिंह ने इस अवसर पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस संगोष्ठी के माध्यम से न केवल ज्ञान का विस्तार होगा बल्कि नए विचार, शोध और नवाचार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। 


 मुख्य वक्ता प्रोफेसर अनुज त्यागी ने अपने वक्तव्य में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ग्राफिकल प्रोसेसिंग यूनिट पर आधारित तकनीक है जो विभिन्न प्रकार के डाटा को स्वयं ही प्रक्रिया करके 90% की सटीकता तक परिणाम दे सकती है, इसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सैन्य और व्यावसायिक, सभी क्षेत्रों में बहुत कुशलता के साथ किया जा रहा है परंतु आज भी जीपीयू के लिए भारत और अन्य देशों को अमेरिका पर निर्भर रहना पड़ता है,जिसकी उपलब्धता अमेरिका बहुत सीमित रूप में ही कर रहा है परंतु चीन और भारत लगातार इस प्रयास में है कि  शीघ्र ही अपनी जीपीयू और क्वांटम चिप का निर्माण कर सके। आशा है कि उस दिशा में भारत शीघ्र ही स्वामित्व प्राप्त कर लेगा ।


 मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर वाई. विमला ने अपने वक्तव्य में AI को अच्छी चीज माना है, परंतु साथ में यह भी हिदायत दी कि AI पर  बहुत अधिक निर्भरता घातक है, क्योंकि यह मानव मस्तिष्क को शिथिल बनाती है, अतः आवश्यक है कि AI को केवल एक सहायक तकनीक के रूप में प्रयोग किया जाये ना की पूर्णता AI पर निर्भर होना चाहिए। AI या गूगल सूचनाओं का भंडार है, ज्ञान का नहीं,  सूचनाओं को ज्ञान में परिवर्तित करके अनुप्रयोग में लाना मानव मस्तिष्क का कार्य है । सत्र के अंत में डॉ गौरी द्वारा सभी अतिथियों, प्राचार्य, विभिन्न संस्थाओं से आए हुए प्रतिभागियों, शोधकर्ताओं, छात्रों एवं मीडिया आदि का आभार प्रकट किया गया।


इसके पश्चात प्रथम सत्र में विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय से आए प्रोफेसर रिसर्च रिसर्च स्कॉलर्स ने अपने प्रेजेंटेशन दिए। द्वितीय सत्र के चेयर पर्सन डॉ उपदेश वर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, दिल्ली यूनिवर्सिटी रहे। द्वितीय सत्र के चेयर पर्सन प्रोफेसर सुशील भाटी, गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, उत्तराखंड रहे। दोनों सत्र के मुख्य वक्ताओं ने आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस विषय पर अपने विचार प्रतिभागियों से साझा किए। इसके पश्चात छात्राओं के द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय पर पोस्टर प्रेजेंटेशन सत्र का आयोजन किया गया जिसमें बेस्ट पोस्टर का अवार्ड कुमारी सानिया को दिया गया।

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