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Thursday, January 8, 2026

नववर्ष


नित्य संदेश
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नव वर्ष, बहुत देख लिए,
अब नया कुछ और होना चाहिए 

जीत कैसी, हार कैसी,
संघर्ष बहुत देख लिए,
अब कुछ नई यात्रा होना चाहिए 
जीवन का प्रत्येक कदम, 
अब कुछ नया होना चाहिए 

नव वर्ष आयेगे, और आना ही है उसको,
समय का पहिया, घूमना ही है उसको,
चूंकि पृथ्वी कर रही है अपनी यात्रा निरंतर, बिना रुके
तुम खोजों अब अपना उद्देश्य, समय बीत रहा, अब कुछ नई क्रांति होनी चाहिए,
नव वर्ष बहुत देख लिए,
अब कुछ और नया होना चाहिए 

जीवन जीने की लालसा, क्या इसी तरह चलती रहेगी? 
या तुम मृत्यु का सत्य भी कभी जानोगे,
जानोगे निर्मम हत्याओं की सीमा, या किसी की भूख का पैमाना नापोगे,
किसी राहगीर की कविता सुनोगे या, किसी जीव की सेवा करोगे 
तुम क्या हो, यह जान लेना,
फिर नव वर्ष को स्वीकारना,
बहुत देख लिए नव वर्ष,
अब कुछ बड़ी जिज्ञासा होना चाहिए,
कुछ नया होना चाहिए !

तुम युवा हो,
तुम्हे अब कुछ नया करना चाहिए। 

निकिता गौर
शिक्षिका, लेखिका

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