पिंक अक्टूबर कैंसर जागरूकता
कार्यक्रम का हुआ समापन
अनम शेरवानी
नित्य संदेश, मेरठ। सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर मैनेजमेंट एंड रिसर्च
सेन्टर द्वारा मनाए जा रहे पिंक अक्टूबर कैंसर जागरूकता माह का समापन कैंसर की
रोकथाम, उपचार एवं भविष्य के अनुसंधान
में क्या नया है, के विषय पर संगोष्ठी के आयोजन
से हुआ।
महारानी लक्ष्मीबाई
प्रेक्षागृह में संगोष्ठी का शुभारंभ विधिवत कुलपति मेजर जनरल डॉ. जीके थपलियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली के ओरल
मैक्सिलोफेशियल सर्जरी निदेशक प्रो. डॉ. प्रवेश मेहरा, पैथोलॉजी की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रानी बंसल, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव बंसल, एम्स की दंत चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान केन्द्र की ओरल
पैथोलॉजी प्रो. डॉ. दीपिका मिश्रा, लंदन से
ब्रेस्ट सर्जन डॉ.सुनीता श्रोत्रिय एवं सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर मैनेजमेंट
एंड रिसर्च के डायरेक्टर डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने दीप प्रज्जवलित कर किया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने कैंसर रोग के कारण, निवारण एवं वर्तमान में नए अनुसंधान के बारे में अपने विचार
रखे। सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. जीके थपलियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शल्या राज एवं सुभारती अस्पताल
के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कृष्णा मूर्ति ने पिंक अक्टूबर कैंसर जागरूकता माह की
सफलता हेतु अपनी शुभकामनाएं दी।
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज
नई दिल्ली के ओरल मैक्सिलोफेशियल सर्जरी निदेशक प्रो. डॉ. प्रवेश मेहरा ने मुख
कैंसर के बारे में जागरूकता प्रदान की। उन्होंने कहा कि वर्तमान और भविष्य के दंत
चिकित्सकों के बीच मौखिक कैंसर के बारे में जागरूकता मौखिक कैंसर का शीघ्र पता
लगाने और रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि मौखिक कैंसर
सिर और गर्दन के क्षेत्र में होने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है, जो होठों या मौखिक गुहा के स्क्वैमस सेल उपकला से विकसित
होता है। जो तंबाकू और शराब मुख कैंसर के विकास के लिए सबसे आम जोखिम कारक हैं।
उन्होंने कहा कि मुख की नियमित सफाई कैंसर के रोकथाम में सहायक है। इसके उपचार
हेतु रेडियोथैरेपी, सर्जरी से मुख के कैंसर का
इलाज किया जा सकता है।
लंदन से ब्रेस्ट सर्जन डॉ. सुनीता
श्रोत्रिय ने ब्रेस्ट कैंसर के कारण एवं वर्तमान में इसके उपचार हेतु विस्तार से
सभी का ज्ञान वर्धन किया। उन्होंने बताया कि पूरे ब्रिटेन में सरकार द्वारा मुफ्त
मैमोग्राफिक स्क्रीनिंग हर 50 से 70 वर्ष की आयु की महिला का होता है और इसमें हर 3 वर्ष में महिला को इनविटेशन दिया जाता है कि आप आए और अपना
मैमोग्राफी कारण जिनमें कोई कैंसर के लक्षण पाए जाते हैं उनकी बायोप्सी होती है और
फिर उनका समुचित सुचारू रूप से इलाज किया जाता है जिससे वह महिला लंबे समय तक
जीवित रहती हैं और उन्हें कैंसर के द्वारा मृत्यु या सीरियस गंभीर परिणाम होने से
बच जाती है भारत में भी इस प्रकार की स्क्रीनिंग शुरू हो जाए तो हमारे देश में भी
महिलाओं को काफी सुरक्षा हो जाएगी कैंसर के द्वारा मृत्यु से बचने की।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ
अधिवक्ता गौरव बंसल ने कानून के माध्यम से कैंसर रोग से निपटने के लिए राष्ट्रीय व
अंतरराष्ट्रीय कानून के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि हम किस प्रकार से
कानूनी तौर पर कैंसर से बचाव कर सकते हैं जैसे पॉल्यूशन कंट्रोल के तरीके और
प्लास्टिक और दूसरे उत्कर्ष भोजन से उनका प्रयोग जो भोजन में पानी में और वातावरण
प्रदूषण में हो रहा है उससे बचाव की जा सकती है।
डॉ. स्मृति गुप्ता ने
सर्वाइकल कैंसर पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि सुभारती मेडिकल कॉलेज में
मुफ्त में पैप स्मीयर किया जा रहा है सभी महिलाओं का मुफ्त में और इसके द्वारा
सर्वाइकल कैंसर के प्राथमिक चरण में ही उसको पकड़ा जा सकता है और उसका समुचित इलाज
किया जा सकता है।
नेचुरोपैथी और योग साइंस
कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर अभय शंकरगौड़ा ने अवगत कराया कि नेचुरल तरीके से
प्राकृतिक तरीकों से हम कैसे कैंसर से बच सकते हैं ताजा फल और सब्जियां अधिक सेवन
करें और प्रोसेस्ड मीट प्रोसेस्ड फूड शुगर ग्रेटेड ड्रिंक जैसे कि जो जिसमें अधिक
चीनी वाले पर पदार्थ होते हैं उन सब से बच्चे और योगासन प्राणायाम द्वारा मानसिक
चिंतन से दूर रहे मेडिटेशन करें इससे हम कैंसर से काफी बेहतर बन सकते हैं। डॉ. उमंग मित्तल हमारे ऑंकोलॉजी विभाग के एक काफी सीनियर
ऑंकोलॉजिस्ट है उन्होंने बताया कि टारगेटेड थेरेपी द्वारा कैंसर का बहुत
प्रभावशाली इलाज सरल हो गया है और हमारे इस भर्ती मेडिकल कॉलेज में भी यह टारगेट
की थेरेपी की जा रही है। डॉक्टर गोगिया व डॉ. संदीप कुमार ने भी
कैंसर से बचने हेतु उपाय बताते हुए विस्तृत व्याख्यान दिया।
सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर
मैनेजमेंट एंड रिसर्च के डायरेक्टर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष एम्स डॉ अनुराग
श्रीवास्तव ने कहा कि जागरूकता ही कैंसर से बचाव है। उन्होंने बताया कि स्वामी
विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय व छत्रपति शिवाजी सुभारती अस्पताल द्वारा पिंक
अक्टूबर के तहत कैंसर जागरूकता माह वृहद स्तर पर मनाया गया। इसमें विश्वविद्यालय
के विभिन्न कॉलेज व विभाग में व्याख्यान, पिंक मैराथन, पोस्टर जागरूकता, नुक्कड़ नाटक
आदि सहित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गए।
उन्होंने बताया कि सुभारती
कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में अनुभवी विशेषज्ञ सहित पेट सिटी
स्कैन, मैमोग्राफी अल्ट्रासाउंड
एमआरआई जैसी विश्वस्तरीय मशीनें उपलब्ध है, जो कैंसर की पहचान व इसके उपचार में सहयोग प्रदान कर रही
है। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों व संगोष्ठी के प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का
आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर डॉ. किशोर सिंह, डॉ. असिया हिलाल, डॉ. अरूण
वर्मा, डॉ.स्मृति गुप्ता, डॉ.फराज बदर, डॉ.उमंग
मित्तल, डॉ. यामिनी वर्मा, डॉ.संदीप कुमार, डॉ.सलोनी
मेहता, डॉ. प्रियंका तिवारी, डॉ.एसबी गोगिया, डॉ अभय शंकरगौड़ा, डॉ विनीता
निखिल, डॉ. संचित प्रधान, डॉ मोहनिश मुछाल आदि सहित सभी कॉलेज के विद्यार्थी, शिक्षकगण व अस्पताल के डॉक्टर व अन्य पदाधिकारी उपस्थित
रहे।

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