नित्य संदेश डेस्क।
कीर्ति मां की लाली प्यारी
वृषभानु की दुलारी
बरसाना महारानी
लाड़ली जू राधा है...!!!
कृष्ण की ह्लादिनी शक्ति
चरणों में करें भक्ति
महारास की संगिनी
बिन कान्हा आधा है...!!!
महाआनंद की देवी
महादेव आध्यादेवी
कहते कृपा कटाक्ष
श्रीजी हरे बाधा है...!!!
प्रेमभक्ति मूल प्रकृति
सहज करूणा प्रवृत्ति
कृष्ण पाना राधे भजो
यही कहे पाधा है...!!!
किशोरी मृदु हासिनी
मोहिनी स्यामा रासिनी
रसिकों ने सदा नाम
राधे-राधे साधा है...!!!
सपना सी.पी. साहू 'स्वप्निल'
इंदौर ( म.प्र.)
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