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Tuesday, September 10, 2024

सुभारती में हुआ पुरातन छात्र समागम कार्यक्रम-2024 का आयोजन


अनम शेरवानी 
नित्य संदेश, मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के सरदार पटेल सुभारती विधि संस्थान मेरठ का खूबसूरत सरदार पटेल ऑडिटोरियम सुरमई माहौल एवं पुराने साथियों से एक बार फिर से मिलने की आशा में एकत्र सत्र 2023 एवं सत्र 2024 के पुरातन विद्यार्थियों से सुसज्जित हुआ। मौका था पुरातन छात्र समागम 2024। इस कार्यक्रम का आयोजन सुभारती विधि महाविद्यालय के पुरातन छात्र समिति की समन्वयक एना सिसोदिया द्वारा सुभारती विधि संस्थान के निदेशक राजेश चंद्र (पूर्व न्यायमूर्ति, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, प्रयागराज) के निर्देशन तथा संकाय अध्यक्ष प्रो.डॉ.वैभव गोयल भारतीय के संरक्षण में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए पुरातन छात्र समिति की समन्वयक एना सिसोदिया ने संकायाध्यक्ष तथा शिक्षकों का स्वागत पौधा भेंट करके किया। समागम कार्यक्रम का शुभारम्भ सुभारती विधि संस्थान के संकायाध्यक्ष प्रो. डॉ. वैभव गोयल भारतीय ने सभी शिक्षकों व पुरातन छात्रों के संग माँ सरस्वती के समक्ष पुष्प अर्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. डॉ. शल्या राज ने पुरातन छात्रों को आर्शीवाद देते हुए कहा कि एक बार फिर से अपने छात्रों को देखकर खुशी हो रही है। विधि का क्षेत्र बहुत पवित्र है। इसकी पवित्रता को हमेशा बरकरार रखना और जो भी संस्कार आपने अपने कॉलेज और शिक्षकों से पाए है, उन्हें अपने जीवन में हमेशा साकार करना।
पुरातन छात्र समिति की समन्वयक एना सिसौदिया ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए स्वागत भाषण प्रेषित किया। पुरातन छात्रों में प्रो.(डॉ.) रीना बिश्नोई, एना सिसौदिया, ऋषभ, सृष्टि, मयंक, आकाश, नेहा, रिया, मनिका, हिमांशु, वैभव, अंजुरी, उसब, भाविनी, अर्पित, आयुषी, कौसर, सुवेंद्र मनीषा आदि ने अपने अध्ययन समय चाहे वह एक वर्ष हो 2 वर्ष का हो अथवा 5 वर्ष का या फिर सर्वोच्च उपाधि पीएच.डी. के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में प्राप्त अनुभवों को सजा करते हुए इस दिन को यादगार बना दिया तथा अपने शिक्षकों को याद करते हुए कहा कि सुभारती लॉ कॉलेज से प्राप्त किया हुआ ज्ञान और यहाँ का अनुशासन हमेशा हमारा मार्गदर्शक बना रहेगा। सुभारती लॉ कॉलेज में शिक्षा के साथ-साथ मिलें संस्कार हमारे जीवन में हमेशा काम आते है। हमारे जीवन में यहाँ के शिक्षकों द्वारा दिया गया ज्ञान व संस्कार हमारे जीवन की पूँजी बन चुका है। शिक्षकों ने ना केवल ज्ञान और संस्कार दिये। वरन विनम्रता और दयालुता जैसे गुण भी हमे सिखाएं।

विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए जस्टिस राजेश चंद्रा ने कहा की यह समय छात्र जीवन में प्राप्त ज्ञान को देश की भलाई के लिए इस्तेमाल करने का है और जब आप अपने कार्यों से समाज के लिए कुछ महत्वपूर्ण करेंगे तो उससे आपका संस्थान, आपका विश्वविद्यालय, आपका परिवार सभी गौरवान्वित होंगे। उन्होंने सभी पुरातन छात्रों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रदान की।

सुभारती विधि संस्थान के संकायाध्यक्ष प्रो. डॉ. वैभव गोयल भारतीय ने अपने संबोधन में कहा कि सुभारती परिवार में आप सबका फिर से स्वागत है। आपके चेहरे पर झलकती ताजगी बता रही है कि आप यहाँ आकर कितने खुश है। आपके लिये यह एक सही मंच है, जो आपके शिक्षकों एवं साथियों से पुनरू मिलने का मौका देता है। एक शिक्षक को भी अपने पुरातन छात्रों को पुनरू देखकर असीम खुशी होती है। सुभारती लॉ कॉलिज ने इतने वर्षों में सफलता की ऊचाईयों को पाकर विधि के क्षेत्र में जो विश्वसनीय नाम कमाया है उसमें हमारे सभी पुरातन छात्रों का भी सहयोग है। सुभारती लॉ कॉलेज ज्ञान के प्रकाश के साथ समाज के सभी वर्गों को सशक्त करने के लिए निशुल्क विधिक सहायता एवं लॉ क्लब के माध्यम से कार्य कर रहा है। हमारा प्रयास है कि हमारे छात्र शिक्षा, सेवा और संस्कार के साथ-साथ सहानुभूति सहिष्णुता, ईमानदारी और मानवता के गुण भी सीखे। उन्होंने आर्शीवाद वचन देते हुए कहा कि अपनी कथनी और करनी में कभी अंतर मत करना और अपनी पहचान, अपनी जडे कभी मत भूलना।

इस कार्यक्रम की सफलता में प्रो. डॉ.रीना बिश्नोई का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में डॉ. सारिका त्यागी, डॉ. प्रेमचंद, डॉ. अजय राज सिंह, आफरीन अल्मास, सोनल जैन, अरशद आलम, आशुतोष देशवाल एवं हर्षित आदि शिक्षक शिक्षिकाएं तथा पुरातन छात्र बडी संख्या में उपस्थित रहे।

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