सीसीटीवी निगरानी केंद्र, पार्किंग प्रबंधन, डिजिटल एंट्री और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की निगरानी सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुई चर्चा
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय परिसर एवं छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस विभाग, सुरक्षा अधिकारी, होमगार्ड विभाग, छात्रावास वार्डनों तथा अभियांत्रिकी एवं आईटी टीम के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वर्तमान सुरक्षा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परिसर में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, प्रवेश नियंत्रण, पार्किंग प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर निर्णय एवं आवश्यक कार्यवाही पर सहमति व्यक्त की गई:
1. आधुनिक सीसीटीवी कैमरे एवं केंद्रीकृत निगरानी केंद्र
विश्वविद्यालय परिसर के प्रमुख स्थानों, प्रवेश द्वारों, पार्किंग स्थलों, कैंटीन एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। कैमरों की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत सीसीटीवी मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जहां से विभिन्न स्थानों की गतिविधियों पर एक ही केंद्र से निगरानी रखी जा सके। इससे संदिग्ध गतिविधियों की समय रहते पहचान करने और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।
2. प्रवेश द्वारों एवं चारदीवारी की सुरक्षा
विश्वविद्यालय के सभी प्रवेश द्वारों तथा चारदीवारी की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। मुख्य प्रवेश द्वारों पर प्रवेश नियंत्रण, पहचान सत्यापन तथा अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाएगी।
3. पहचान पत्र की अनिवार्यता
विश्वविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं अन्य अधिकृत व्यक्तियों के लिए पहचान पत्र रखना अनिवार्य करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उसकी जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रवेश व्यवस्था में पहचान सत्यापन को प्रभावी बनाया जाएगा।
4. डिजिटल एंट्री एवं आगंतुक प्रबंधन
विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वारों पर डिजिटल एंट्री सिस्टम को प्रभावी बनाने तथा आगंतुकों का विवरण डिजिटल माध्यम से दर्ज करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार टोकन आधारित प्रवेश प्रणाली लागू करने की तकनीकी संभावनाओं का परीक्षण किया जाएगा।
5. पार्किंग व्यवस्था का सुव्यवस्थित प्रबंधन
बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में वाहनों की पार्किंग को एक महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी मुद्दा मानते हुए इस पर विशेष चर्चा की गई। वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल तय करने, मुख्य मार्गों एवं प्रवेश द्वारों को अनावश्यक वाहनों से मुक्त रखने तथा अनधिकृत पार्किंग पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। आवश्यकता के अनुसार वाहन पास एवं व्यवस्थित पार्किंग प्रबंधन की व्यवस्था विकसित की जाएगी। पार्किंग स्थलों को सीसीटीवी निगरानी के दायरे में लाने पर भी जोर दिया गया।
6. कैंटीन एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों की निगरानी
विश्वविद्यालय परिसर की कैंटीन, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों तथा अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। इन स्थानों पर आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा सुरक्षा कर्मियों की निगरानी व्यवस्था प्रभावी बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
7. सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के संबंध में निगरानी एवं समन्वय
विश्वविद्यालय परिसर से संबंधित फोटो, वीडियो एवं अन्य सामग्री के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामलों को ध्यान में रखते हुए, सुरक्षा संबंधी घटनाओं की जानकारी और डिजिटल सामग्री के संदर्भ में निगरानी एवं समन्वय की व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा की गई। किसी वीडियो या पोस्ट के विश्वविद्यालय परिसर से संबंधित होने, उसकी प्रामाणिकता तथा संदर्भ की जांच आवश्यकतानुसार की जाएगी। किसी संभावित सुरक्षा घटना की जानकारी मिलने पर तथ्यों का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया में संबंधित कानूनों, निजता तथा लागू नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
8. छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था
छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर विशेष नियंत्रण रखा जाएगा। आगंतुकों की पहचान एवं आवश्यक सत्यापन के बाद ही प्रवेश देने, उनके आगमन का रिकॉर्ड रखने तथा वार्डन, सहायक वार्डन एवं सुरक्षा कर्मियों के बीच समन्वय मजबूत करने पर बल दिया गया। छात्रावासों के प्रवेश द्वारों पर डिजिटल एंट्री एवं सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
9. सुरक्षा नीतियों का निर्धारण एवं प्रचार-प्रसार
विश्वविद्यालय परिसर एवं छात्रावासों के लिए स्पष्ट सुरक्षा नीतियां तथा प्रवेश संबंधी दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे। इन नियमों का विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि सभी संबंधित व्यक्ति निर्धारित प्रक्रियाओं से परिचित रहें।
10. अतिरिक्त पुलिस बल की उपलब्धता
बैठक में एसपी सिटी मेरठ ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस बल की संख्या बढ़ाने तथा विश्वविद्यालय को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के संबंध में आश्वासन दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन एवं पुलिस विभाग के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।
11. प्रातः एवं रात्रिकालीन भ्रमण के लिए प्रवेश नियंत्रण
विश्वविद्यालय परिसर में प्रातः भ्रमण के लिए आने वाले बाहरी आगंतुकों तथा रात्रिकालीन प्रवेश व्यवस्था की समीक्षा की गई। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार सांय 7:00 बजे के बाद सामान्य भ्रमण हेतु आने वाले बाहरी आगंतुकों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए जाएंगे।
12. तकनीकी टीम एवं सुरक्षा कर्मियों के बीच समन्वय
विश्वविद्यालय की आईटी टीम, सुरक्षा अधिकारियों, पुलिस विभाग, होमगार्ड कर्मियों तथा छात्रावास प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। सीसीटीवी निगरानी केंद्र, डिजिटल एंट्री, आगंतुक रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को एक प्रभावी सुरक्षा प्रणाली के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, एसपी सिटी मेरठ श्री विनायक गोपाल भोंसले, दीक्षा भौरिया, सीओ सिविल लाइन, विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री ए.के. यादव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि विश्वविद्यालय परिसर एवं छात्रावासों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आधुनिक तकनीक, केंद्रीकृत निगरानी, प्रभावी पार्किंग प्रबंधन, डिजिटल प्रवेश व्यवस्था तथा पुलिस प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा तंत्र को अधिक मजबूत बनाया जाएगा। संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्र में आवश्यक कार्यवाही करते हुए आपसी समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने पर बल दिया गया।
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