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Wednesday, October 7, 2026

दुर्गा भाभी के साहस और राष्ट्रभक्ति से छात्राओं ने ली प्रेरणा



दुर्गा भाभी बालिका छात्रावास में हवन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाई गई महान स्वतंत्रता सेनानी की जयंती


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित दुर्गा भाभी बालिका छात्रावास में महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी दुर्गा भाभी जी की जयंती हर्षोल्लास, श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ हवन एवं पूजन के साथ हुआ। आचार्य रामवीर जी ने विधि-विधानपूर्वक हवन संपन्न कराया। छात्रावास की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए और दुर्गा भाभी के जीवन, संघर्ष, त्याग एवं राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा ली।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री बृजमोहन गुप्ता उपस्थित रहे। श्री गुप्ता मेरठ में कंपनी कमांडर एवं यातायात प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ विश्वविद्यालय से भी जुड़े हुए हैं। कार्यक्रम में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) संगीता शुक्ला तथा मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो. दिनेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।


दुर्गा भाभी का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक : बृजमोहन गुप्ता

मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि दुर्गा भाभी केवल स्वतंत्रता आंदोलन की एक महिला क्रांतिकारी नहीं थीं, बल्कि वे भारतीय नारी के साहस, आत्मविश्वास, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा की अद्वितीय मिसाल थीं। उन्होंने ऐसे समय में देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, जब महिलाओं के लिए सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ना भी चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद उन्होंने अपने अदम्य साहस से यह सिद्ध किया कि राष्ट्र के प्रति समर्पण में स्त्री और पुरुष का कोई भेद नहीं होता।


उन्होंने कहा कि दुर्गा भाभी का जीवन युवाओं के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायी है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर राष्ट्रहित को रखा और स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारियों का सहयोग करते हुए जोखिम भरे कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन हमें सिखाता है कि देशभक्ति केवल भावनाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रहित में त्याग और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।


श्री गुप्ता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश स्वतंत्र है और परिस्थितियां बदल चुकी हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी आज भी युवा पीढ़ी के कंधों पर है। वर्तमान समय में शिक्षा, अनुशासन, आत्मनिर्भरता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच ही सच्ची देशसेवा के माध्यम हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे दुर्गा भाभी के साहस और आत्मविश्वास को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं तथा शिक्षा और प्रतिभा के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में दुर्गा भाभी के नाम पर छात्रावास का होना स्वयं में गौरव की बात है। यह छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि छात्राओं के लिए प्रेरणा, संस्कार, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व विकास का केंद्र भी बनना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने लक्ष्य निर्धारित करें, कठिन परिस्थितियों से घबराएं नहीं और निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करें।


दुर्गा भाभी के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने दुर्गा भाभी के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने साहस को कमजोर नहीं पड़ने दिया और क्रांतिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की स्वतंत्रता के लिए कार्य किया। कुलपति प्रो. (डॉ.) संगीता शुक्ला ने छात्राओं को दुर्गा भाभी के जीवन से प्रेरणा लेने तथा शिक्षा के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व में अनुशासन, आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और राष्ट्रप्रेम विकसित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी से निर्मित होता है और छात्राओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है। मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो. दिनेश कुमार ने भी दुर्गा भाभी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को उनके आदर्शों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।


सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दुर्गा भाभी के जीवन, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रभक्ति की भावना को अभिव्यक्त किया। छात्राओं की प्रस्तुतियों में देशभक्ति, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की झलक दिखाई दी। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। 


कार्यक्रम के सफल आयोजन में छात्रावास की वार्डन डॉ. सरु, सहायक वार्डन प्रो. नाज़िया तरन्नुम, सहायक वार्डन निधि भाटिया, निधि गर्ग, पूनम, मीनाक्षी, रमिता, ममता, जितेंद्र एवं प्रेमलता सहित छात्राओं तनु, विधि, अंशिका, सानिया, ख्याति, रेनू, शिवांशी आदि का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन दुर्गा भाभी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के संकल्प के साथ हुआ।


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