नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ: शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग द्वारा ‘स्किलिंग फॉर सक्सेस – अनलॉकिंग पोटेंशियल’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘डिज़ाइन टू मार्केट: मास्टरिंग एडोबी ग्राफिक डिज़ाइन एंड डिजिटल मार्केटिंग’ विषय पर एक दिवसीय स्किलिंग कार्यक्रम का सफल आयोजन विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप डिजिटल मार्केटिंग एवं ग्राफिक डिज़ाइनिंग जैसे व्यावहारिक कौशलों से परिचित कराना था। कार्यक्रम में १९० से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
यह स्किलिंग पहल नैसकॉम फाउंडेशन द्वारा एडोबी के सहयोग से तथा कौरसेरा को कंटेंट पार्टनर के रूप में लेकर, ईट्रेनइंडिया द्वारा संचालित की गई। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को निःशुल्क कौरसेरा पाठ्यक्रमों तक पहुँच, एडोबी ऐप्स का तीन माह का निःशुल्क प्रीमियम एक्सेस तथा सफलतापूर्वक कार्यक्रम पूर्ण करने पर एडोबी एकेडमी सर्टिफिकेशन जैसी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के रिसोर्स पर्सन्स के रूप में अश्मिता झा, एसोसिएट मैनेजर – प्रोजेक्ट्स; सिमरन चौधरी, एसोसिएट मैनेजर – प्रोजेक्ट्स; एवं पारिक्षित वर्मा, डिजिटल मार्केटिंग ट्रेनर ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। पारिक्षित वर्मा ने प्रोजेक्टर पर लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से मार्केटिंग एवं डिजिटल मार्केटिंग, गूगल ऐडसेंस तथा उसके उपयोग, साथ ही लिंक्डइन ऐड्स और उनके प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उनके व्यावहारिक एवं लाइव प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग के वास्तविक अनुप्रयोगों को समझने का अवसर मिला।
वहीं अश्मिता झा एवं सिमरन चौधरी ने विद्यार्थियों को कौरसेरा पर उपलब्ध विभिन्न निःशुल्क पाठ्यक्रमों को क्लेम करने, उन्हें पूर्ण कर प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा स्किलिंग कार्यक्रम के अंतर्गत तीन माह का निःशुल्क एडोबी प्रीमियम एक्सेस प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया समझाई। कार्यक्रम के दौरान स्कूल ऑफ कम्प्यूटेशनल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग के निदेशक प्रो. डॉ. संदीप कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए इस प्रकार के उद्योग-उन्मुख कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए डिजिटल एवं व्यावहारिक कौशल विकसित करना भी आवश्यक है, जिससे उनके भविष्य के करियर एवं रोजगार के अवसर और अधिक सुदृढ़ हो सकें।
विद्यार्थियों ने दोनों सत्रों में सक्रिय सहभागिता करते हुए विशेषज्ञों से विभिन्न प्रश्न पूछे और महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में फैकल्टी कोऑर्डिनेटर्स प्रो. डॉ. निधि त्यागी एवं श्री अविनव पाठक का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर्स प्रिंस राज, श्रीयांशु सिंह, वंशिका जैन, निधि चौरसिया, बादल, हरीश कुमार एवं हंश शर्मा ने आयोजन की व्यवस्थाओं एवं विद्यार्थियों के समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाई।कार्यक्रम के समापन पर रिसोर्स पर्सन्स द्वारा सभी स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर्स को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात सभी प्रतिभागियों, अतिथियों, फैकल्टी सदस्यों एवं स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर्स के साथ सामूहिक छायाचित्र लिया गया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सीखने, नए कौशल विकसित करने तथा उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया। यह पहल विद्यार्थियों के कौशल विकास, डिजिटल दक्षता एवं भविष्य की रोजगार क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।



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