नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। देवी अहिल्याबाई होलकर ने शस्त्र और शास्त्र दोनों में पारंगत होने की प्रेरणा दी है, इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए इंदौर शहर के कॉलेजों व स्कूलों में अहिल्या आत्मरक्षा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, छात्राओं को देर रात गरबा पांडालों से लौटते समय होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए खुद की रक्षा के लिए प्रशिक्षित किया गया ।
सेल्फ डिफेंस के टिप्स और रोजमर्रा की चीजों से विपरीत परिस्थितियों का डटकर सामना करने के गुर भी सिखाए गए । अहिल्या मंच की अध्यक्ष डॉ माला सिंह ठाकुर की अगुवाई में सैंकड़ों की संख्या में युवतियों को ट्रेनिंग देकर सेल्फ डिफेंस के लिए तैयार किया गया है, शहर के विभिन्न गरबा पांडालों में यही अहिल्या सेना बहनों की सुरक्षा का संकल्प भी लेगी ।
शहरभर के स्कूल-कॉलेजों में अब तक 22 से ज्यादा कैम्प लगाए गए हैं जिनमें बड़ी संख्या में छात्राओं को मनचलों को सबक सिखाने की ट्रेनिंग दी गई है । डिफेंस एक्सपर्ट मनीष आर्या की टीम ने इन सभी शिविरों में मनचलों से निपटने के गुर बालिकाओं को सिखाए हैं ताकि मनचलों की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए ये अहिल्या सेना की कार्यकर्ता पूरी तरह से तैयार रहें।
मंच ने अहिल्या आत्मरक्षा शिविरों के माध्यम से छात्रावासों व कॉलेजों की युवतियों को सेल्फ डिफेंस के लिए तैनात किया है । अहिल्या सेना की इस पहल के बाद अब गरबा पांडालों में भी सतर्कता रखने पर जोर दिया जा रहा है, साथ ही युवतियों के आत्मविश्वास में भी इन शिविरों का अच्छा खासा प्रभाव देखा जा रहा है । कुलमिलाकर, अहिल्या आत्मरक्षा शिविरों के चलते पितृ पक्ष में बालिकाओं ने अपनी रक्षा स्वयं की जिम्मेदारी का संकल्प लिया है और मनचलों को सबक सिखाने के लिए यही अहिल्या सेना अब सक्रिय हो गई है ।


No comments:
Post a Comment