नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। शासकीय होलकर (स्वशासी) विज्ञान महाविद्यालय, इंदौर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी "रासायनिक विज्ञान के माध्यम से समाज का रूपांतरण: नवाचार, सततता एवं स्मार्ट प्रौद्योगिकियों के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा का समन्वय" (BBGPISST-2026) का शुभारंभ हुआ। यह संगोष्ठी हाइब्रिड मोड में आयोजित की जा रही है। इसी के साथ डॉ. एस.एस. देशपांडे पुरस्कार समारोह भी संपन्न हुआ।
उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय की प्राचार्य एवं प्रभारी अतिरिक्त संचालक डॉ. मेजर अनामिका जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक परंपरा तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और अनुसंधान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। इसके बाद रसायन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अपर्णा गन्धे ने संगोष्ठी के उद्देश्यों और रूपरेखा की जानकारी दी। इस सत्र में इंदौर जिले के शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।
प्रथम सत्र का मुख्य आकर्षण डॉ. एस.एस. देशपांडे राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह रहा, जो महाविद्यालय के लिए गौरव का क्षण था। वर्ष 2025 का यह पुरस्कार रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं वैज्ञानिक डॉ. अर्चना सिंह को प्रदान किया गया। वे सीएसआईआर-एम्प्री (CSIR-AMPRI), भोपाल में वैज्ञानिक 'एफ' तथा विज्ञान एवं नवाचार अनुसंधान अकादमी (AcSIR) में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
समारोह में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के माननीय कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित और गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. सुरेश सिलाव


No comments:
Post a Comment