टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें, समय पर जांच और उपचार से संभव है बचाव
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। टीबी (क्षय रोग) के प्रति लोगों को जागरूक करने और इसके उन्मूलन में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत सरकार के राष्ट्रीय अभियान ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में बीपीटी, बीएससी नर्सिंग और जीएनएम नर्सिंग प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को तीन चरणों में टीबी के लक्षण, कारण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. पवन पराशर के निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. पवन पराशर, डॉ. वर्षा चौधरी, डॉ. छविकरण गुप्ता, डॉ. सरताज अहमद, डॉ. गीता तथा मेडिकल इंटर्न अदिति वत्स और आर्यन ने विद्यार्थियों को टीबी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। समय पर जांच और सही उपचार से इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है। इसलिए इसके लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। विशेषज्ञों ने बताया कि लंबे समय तक खांसी रहना, बुखार आना, रात में पसीना आना, वजन कम होना और कमजोरी महसूस होना टीबी के संभावित लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि टीबी की पुष्टि होने पर नियमित रूप से दवाएं लेना और डॉक्टर की सलाह का पालन करना जरूरी है। बीच में दवा छोड़ने से उपचार में परेशानी हो सकती है।
कार्यक्रम में टीबी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और मरीजों के साथ होने वाले भेदभाव पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि टीबी होने पर मरीज को परिवार और समाज के सहयोग की जरूरत होती है। बीमारी के कारण किसी व्यक्ति को अलग-थलग करना या उसके साथ भेदभाव करना उचित नहीं है। लोगों को सही जानकारी देकर उनकी आशंकाएं दूर करना और उन्हें समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टीबी के उन्मूलन में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ आम लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। जागरूकता फैलाकर, लक्षणों को पहचानकर और मरीजों को उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करके इस बीमारी पर नियंत्रण पाने में मदद की जा सकती है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में सही जानकारी, समय पर जांच, नियमित उपचार और सामाजिक सहयोग सबसे महत्वपूर्ण हैं। सुभारती मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास कराने और ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रही।


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