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Saturday, October 10, 2026

अखंड भारत महापर्व की दूसरे राउंड की प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन



नई पीढ़ी तक पहुंचे स्वतंत्रता संग्राम के गौरव की गाथा यही है महापर्व का उद्देश्य - डॉ. अतुल कृष्ण


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठः स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अदम्य साहस, त्याग, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से मेरठ में  ‘अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026’  का महापर्व’ व्यापक स्तर पर मनाया जा रहा है। इसी श्रृंखला में ‘अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026’ के द्वितीय चरण के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 


इन प्रतियोगिताओं में प्रथम चरण के विजेता प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी रचनात्मकता, ज्ञान, तार्किक क्षमता और राष्ट्रप्रेम की भावना का परिचय दिया। इस चरण में मेरठ शहर के करीब 60 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों समेत सुभारती विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों के लगभग 1000 विद्यार्थियों ने भाग लिया। ये 1000 विद्यार्थी अपने अपने विद्यालयों से पहले चरण में पहली तीन वरीयता प्राप्त विद्यार्थी थे। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को जानने-समझने का अवसर मिला। महापर्व का प्रमुख उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत से जोड़ना तथा उनमें राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता की भावना को सुदृढ़ करना है।



इस अवसर पर प्रख्यात राष्ट्रवादी शिक्षाविद् व महापर्व के प्रणेता डॉ. अतुल कृष्ण ने अपने संदेश में कहा कि “अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026  केवल एक आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली अतीत, स्वातंत्रय समर के अमर सेनानियों के त्याग और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अभियान है।  हमारा उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना, अनुशासन और सामाजिक समरसता के मूल्यों को मजबूत करना है। महापर्व के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में बच्चों एवं युवाओं की बड़ी भागीदारी को देखकर मुझे विश्वास है कि आज के ये युवा कल राष्ट्र के जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता बनकर भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।”



महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल राजेश त्यागी, एसएम (सेवानिवृत्त) ने कहा कि द्वितीय चरण की प्रतियोगिताओं में प्रथम चरण के विजेता विद्यार्थियों की सहभागिता उत्साहजनक है। इनमें मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय, द आर्यन्स स्कूल, दीवान पब्लिक स्कूल, डीएच इंटर कॉलेज, वर्धमान एकेडमी और महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी शामिल रहे। कर्नल त्यागी ने कहा कि यह भागीदारी दर्शाती है कि नई पीढ़ी अपने राष्ट्रीय गौरव और स्वर्णिम अतीत से जुड़ने के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, ऊर्जा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को उचित दिशा देना समय की आवश्यकता है। अखंड भारत का स्वतंत्रता दिवस महापर्व इसी उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ रहा है, ताकि युवा पीढ़ी स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, वीर सपूतों के बलिदान और देश की एकता एवं अखंडता के महत्व को गहराई से समझ सके। 



उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का दूसरे चरण में पहुंचना उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का प्रमाण है। निबंध लेखन, पेंटिंग, प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को निखारने तथा सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का अवसर देती हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से उनमें अनुशासन, नेतृत्व, तार्किक चिंतन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुण विकसित होते हैं। कर्नल त्यागी ने सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण ज्ञान अर्जित करना, निरंतर सीखना और अपने विचारों को राष्ट्रहित से जोड़ना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महापर्व युवाओं में देश प्रेम, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देगा।


वहीं, महापर्व के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के मुख्य संयोजकों प्रो.(डॉ.) पिंटू मिश्रा, प्रो.(डॉ.) ऋतेष चौधरी, प्रो.(डॉ.) सीमा शर्मा और प्रो.(डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा ने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की तैयारी, रचनात्मकता और उत्साह की सराहना करते हुए संयुक्त रूप से कहा कि प्रतिभागियों की व्यापक सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि देश की युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूक हो रही है। विद्यार्थियों ने न केवल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि अपने विचारों, कल्पनाओं और ज्ञान के माध्यम से राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी परिचय दिया। उन्होंने कहा कि निबंध लेखन, पेंटिंग, प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, तार्किक चिंतन, रचनात्मक अभिव्यक्ति और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। साथ ही, उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। 



आयोजकों ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय एकता की भावना से जोड़ना भी आवश्यक है। ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं और उन्हें समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रतियोगिताओं से प्रेरणा लेकर विद्यार्थी भविष्य में अनुशासित, संवेदनशील, जागरूक और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत नागरिक बनेंगे तथा भारत को सशक्त, समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026 का मुख्य कार्यक्रम मेरठ शहर में निकलने वाली भव्य झांकी रैली के रूप में रहेगा, जिसका आयोजन 21 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। इसमें विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। झांकियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता जैसे विषयों को रचनात्मक रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इस रैली का उद्देश्य मेरठ के लोगों तक देश प्रेम, राष्ट्रीय गौरव और एकता का संदेश पहुंचाना है।


बता दें कि सुभारती विश्वविद्यालय के द्वारा इस अवसर पर आने वाले प्रतिभागियों की सुविधा और प्रतियोगिताओं के सुचारू संचालन के लिए विश्वविद्यालय परिसर में चार विशेष सहायता केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर विद्यार्थियों का पंजीकरण सुबह आठ बजे से शुरू हुआ, जबकि प्रतियोगिताएं सुबह नौ बजे से प्रारंभ हुईं। बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को पंजीकरण, निर्धारित केंद्र तक पहुंचने और अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए चप्पे-चप्पे पर वॉलंटियर्स और विश्वविद्यालय स्टाफ तैनात रहा। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ भारत के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय मूल्यों को समझने का जहां अवसर मिला वहीं दूसरी ओर उनमें एक-दूसरे से सीखने की ललक भी दिखाई दी।


इस दौरान आयोजक विभागों व विश्वविद्यालय आयोजन समिति के सभी सदस्यों, शिक्षकों व विद्यार्थियों की सक्रिय उपस्थिति ने इस भव्य और विशाल आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई। 

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