मनोज कुमार कश्यप
नित्य संदेश, मुजफ्फरनगर। सिंचाई विभाग के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी ने विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शासन के आदेशों और माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय की अवहेलना का आरोप लगाया है।
पीड़ित कर्मचारी का कहना है कि वर्ष 2005 में मुख्य लिपिक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उसकी पेंशन में हेराफेरी की गई और मूल वेतन काटकर कम पेंशन तय कर दी गई। इस संबंध में पीड़ित ने न्याय के लिए माननीय उच्च न्यायालय की शरण ली, जहाँ से वर्ष 2006 में उसके पक्ष में जजमेंट प्राप्त हुआ। आरोप है कि जजमेंट प्राप्त होने के लगभग 19 साल बाद भी मेरठ मंडल और मुजफ्फरनगर के सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा उक्त आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित का कहना है कि विभाग के अधिकारी शासन के आदेशों को भी नहीं मान रहे हैं।
पीड़ित द्वारा इस मामले में मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक सभी स्तर पर गुहार लगाई गई है। पीड़ित का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और न्याय से वंचित रखा जा रहा है। पीड़ित ने शासन से मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराते हुए उसकी पेंशन का पुनः निर्धारण किया जाए और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

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