-आठ राज्यों के उत्पादों की दिखेगी विविधता, होंगे फैशन शो, कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चरखे की खनक, मिट्टी की सोंधी खुशबू, बनारसी सिल्क की चमक और खादी के नए
अंदाज... मेरठ में स्वदेशी का संसार सजने जा रहा है। यहां एक ही परिसर में देश के
अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक कला, ग्रामीण हुनर और आधुनिक खादी का संगम देखने को
मिलेगा। उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से 16 से 25 अक्टूबर तक
राजकीय इंटर कॉलेज (जीआइसी) के निकट मंडलीय खादी महोत्सव 2026-27 आयोजित किया
जाएगा।
दस दिवसीय महोत्सव में करीब 100 स्टॉल पर स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी और
बिक्री होगी। उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, बिहार,
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की खादी एवं ग्रामोद्योग इकाइयां भी भाग लेंगी। खादी और
हैंडलूम के कपड़ों, ऊनी व सूती परिधानों, बनारसी सिल्क की साड़ियों, हस्तनिर्मित
सजावटी सामान और मिट्टी के कलात्मक उत्पादों की विविधता देखने को मिलेगी। अचार,
मुरब्बे, पापड़, मसाले, नमकीन, शहद और प्राकृतिक एवं जैविक उत्पाद भी उपलब्ध
रहेंगे। महोत्सव में खादी के पारंपरिक स्वरूप के साथ उसके आधुनिक फैशन को भी
प्रदर्शित किया जाएगा। खादी फैशन शो में नए डिजाइन और पहनावे देखने को मिलेंगे।
कवि सम्मेलन, लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और संगीत कार्यक्रम आयोजन को खास
बनाएंगे। प्रतिदिन होने वाले कार्यक्रमों से लोगों को परिवार के साथ खरीदारी और
मनोरंजन का अवसर मिलेगा।
चरखे और चाक पर दिखेगी हुनर की जीवंत तस्वीर
आगंतुकों को चरखे पर सूत कातने और कुम्हार के चाक पर मिट्टी के उत्पाद बनाने
की प्रक्रिया प्रत्यक्ष देखने का मौका मिलेगा। इससे विद्यार्थियों और युवाओं को
खादी निर्माण तथा पारंपरिक शिल्प की बारीकियां समझने में मदद मिलेगी। पीढ़ियों से
चले आ रहे इन कौशलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास होगा।
छोटे कारोबारियों को मिलेगा बड़ा बाजार
महोत्सव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और स्थानीय उत्पादों को बाजार
उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा। कारीगरों, शिल्पकारों, महिला उद्यमियों और छोटे
कारोबारियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलेगा। इससे कारोबार
विस्तार और स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
इन्होंने कहा
परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने मेरठ मंडल के नागरिकों
से परिवार और मित्रों के साथ महोत्सव में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने स्वदेशी
उत्पाद अपनाकर स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों का उत्साह बढ़ाने का आह्वान किया।
आयोजन का उद्देश्य खादी, पारंपरिक शिल्प और ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के
साथ आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करना है।

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