नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ: उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (पंजीकृत) ने UPI ट्रांजैक्शन पर टैक्स या शुल्क लगाने की चर्चाओं का कड़ा विरोध किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने इसे 'डिजिटल इंडिया' और छोटे व्यापारियों के साथ धोखा बताया है।
प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए प्रदेश अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि UPI पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव डिजिटल इंडिया और छोटे व्यापारियों की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी के सपने को साकार करने के लिए देश के व्यापारियों ने दिन-रात मेहनत की है। गली-मोहल्ले के छोटे से छोटे दुकानदार ने भी बिना झिझक UPI को अपनाया है। आज जब देश का व्यापार पूरी तरह डिजिटल लेनदेन पर निर्भर हो चुका है, ऐसे समय में इस पर टैक्स लगाने पर विचार करना अन्याय है।
लोकेश अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि UPI पर किसी भी प्रकार का कर लगाया गया तो न केवल व्यापार जगत प्रभावित होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था फिर से नकदी लेनदेन की ओर लौट जाएगी।
संगठन ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें की हैं -
1. सरकार तत्काल UPI पर कर लगाने के विचार को वापस ले, अन्यथा व्यापारी देशव्यापी आंदोलन को विवश होंगे।
2. कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने वाले व्यापारियों और आम जनता को प्रताड़ित करना बंद किया जाए।
3. डिजिटल लेनदेन को पूरी तरह से मुफ्त और सुरक्षित रखा जाए ताकि छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न रुक सके।
No comments:
Post a Comment