Monday, September 28, 2026

SIR में मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में वामपंथी-समाजवादी दलों का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जाने के विरोध में तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को वामपंथी एवं समाजवादी दलों के कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय इंदौर पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, एसयूसीआई, असंगठित कामगार कांग्रेस आदि के कार्यकर्ता शामिल थे।


प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदान के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि एसआईआर में काटे गए सभी नामों की जांच कर पात्र मतदाताओं के नाम पुनः मतदाता सूची में जोड़े जाएं। प्रदर्शन का नेतृत्व रुद्रपाल यादव, कैलाश लिंबोदिया, सीएल सर्रावत, राहुल निहोरे, रामस्वरूप मंत्री, प्रमोद नामदेव, बटेश्वर नाथ सिंह और राजेंद्र यादव ने किया।

वक्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है। एसआईआर के दौरान जिन नागरिकों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए तथा नाम काटने के आधार को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।


प्रदर्शन में कैलाश लिंबोदिया, रुद्रपाल यादव, रामस्वरूप मंत्री, सीएल सर्रावत, राहुल निहोरे, अरविंद पोरवाल, विजय दलाल, विवेक मेहता, बटेश्वर नाथ सिंह, राजेंद्र यादव, डीएस मिश्रा, मोहम्मद अली सिद्दीकी, भागीरथ कछुआ, चंदन सिंह मकवाना, सैयद साजिद अली, प्रमोद नामदेव, सोनू शर्मा, सुमित सोलंकी, भारत चौहान, माता प्रसाद मौर्य और पूजा चौहान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों के नाम तत्काल बहाल किए जाएं और पूरी एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।

प्रदर्शन की प्रमुख मांगें:

 * एसआईआर में काटे गए पात्र मतदाताओं के नाम तत्काल जोड़े जाएं।


 * नाम काटे जाने के कारण और प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए।


 * मतदाता सूची में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।


 * सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


 * मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कार्रवाई की जाए।


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