Thursday, September 3, 2026

सुधरेगी कैंट हॉस्पिटल की हालत: सांसद निधि और IMA के सहयोग से मिलेंगे चार नए विशेषज्ञ डॉक्टर

 


मनमोहन भल्ला

नित्य संदेश, मेरठ। मेरठ छावनी के सबसे पुराने कैंट जनरल अस्पताल की हालत सुधारने की कवायद तेज हो गई है। पिछले काफी समय से डॉक्टरों की कमी के चलते खुद वेंटिलेटर पर चल रहे इस अस्पताल को फिर से पटरी पर लाने के लिए कैंट बोर्ड के सीईओ जाकिर हुसैन के प्रयासों को अब सांसद (राज्यसभा) लक्ष्मीकांत वाजपेयी और आईएमए मेरठ का भी साथ मिला है।


डॉक्टरों की कमी के चलते जनता ने कैंट अस्पताल आना ही बंद कर दिया था। पिछले लगभग एक दशक से अस्पताल में एक भी गायनिक ऑपरेशन नहीं हो पाया, जिसके कारण मरीजों को तुरंत रेफर करना पड़ता था। इसी समस्या के समाधान के लिए सीईओ जाकिर हुसैन की अध्यक्षता में कैंट बोर्ड मीटिंग हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक मीडिया की मौजूदगी में आयोजित की गई, जिसमें राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी और आईएमए के पदाधिकारी शामिल हुए।


अब मिलेंगे चार नए विशेषज्ञ

बैठक में निर्णय लिया गया कि कैंट जनरल अस्पताल के लिए चार प्रमुख विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था की गई है -

  1. डॉ. अंकिता चौधरी, चर्म रोग विशेषज्ञ
  2. डॉ. सुधाकर जैन, हड्डी रोग विशेषज्ञ
  3. डॉ. सुमित उपाध्याय, नाक-कान-गला विशेषज्ञ
  4. डॉ. मानिक जैन, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ


कैंट बोर्ड प्रवक्ता जयपाल सिंह तोमर ने बताया कि यह सुविधा 08 सितंब 2026 से सप्ताह में दो दिन, मंगलवार और शुक्रवार को सुबह 09 से 11 बजे के बीच कैंट जनरल अस्पताल में उपलब्ध रहेगी।


1892 से चल रहा है अस्पताल

कैंट बोर्ड के एई पीयूष गौतम ने बताया कि छावनी परिषद का जनरल अस्पताल मेरठ की सबसे पुरानी मेडिकल सुविधाओं में से एक है, जो वर्ष 1892 में एक डिस्पेंसरी के रूप में शुरू हुआ था और 1950 में एक बेडेड अस्पताल में कन्वर्ट हुआ। यहां ओपीडी के साथ-साथ ऑपरेशन थियेटर, पुरुष और महिला वार्ड, नेत्र वार्ड, यूनानी सेंटर और डॉट सेंटर उपलब्ध हैं।


सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि कैंट अस्पताल मेरठ के बिल्कुल केंद्र बेगमपुल पर स्थित है। इसे बेहतर बनाने के लिए यहां जन-औषधि केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को उचित मूल्य पर दवाइयां मिल सकेंगी। साथ ही अस्पताल में टेली-मेडिसिन की सुविधा भी शुरू कर दी गई है, जिससे मेरठ के मरीज दिल्ली कैंट अस्पताल के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं। अब तक 140 मरीजों को यह सुविधा दी जा चुकी है। सांसद निधि से अस्पताल के लिए आवश्यक चिकित्सीय उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।


आईएमए पदाधिकारी डॉ. ऋषि भाटिया ने कहा कि उनका जन्म भी इसी अस्पताल में हुआ है, इसलिए इसके सुधार में सहयोग करके उन्हें प्रसन्नता होगी। बैठक में सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सीईओ जाकिर हुसैन, एई पीयूष गौतम, कैंट हॉस्पिटल के डॉ. असीम रस्तोगी, कार्यालय अधीक्षक जयपाल सिंह तोमर, चारों विशेषज्ञ डॉक्टर और आईएमए मेरठ के पदाधिकारी डॉ. मनीषा त्यागी व डॉ. ऋषि भाटिया उपस्थित रहे।

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