
ई-कंटेंट विकास और वर्चुअल कक्षा प्रबंधन पर हुई चर्चा, AI टूल्स के उपयोग पर दिया जोर
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। आंतरिक गुणवत्ता निर्धारण प्रकोष्ठ (IQAC), शहीद मंगल पांडे राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, मेरठ तथा न्यूक्लियस ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम “ई-कंटेंट विकास, ऑनलाइन शिक्षा एवं मूल्यांकन तथा वर्चुअल कक्षा प्रबंधन : अवधारणाएँ, उपकरण एवं श्रेष्ठ अभ्यास” का तृतीय सत्र सोमवार को रात्रि 8 से 9 बजे तक आयोजित किया गया।
सत्र का शुभारंभ प्रो. (कैप्टन) लता कुमार, IQAC समन्वयक एवं समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष, द्वारा स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने सभी अतिथि वक्ताओं, प्रतिभागियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया। अपने संबोधन में प्रो. लता कुमार ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को बेहतर बनाने में विभिन्न ई-कंटेंट प्लेटफॉर्म्स की उपयोगिता पर चर्चा की और प्रतिभागियों को डिजिटल शैक्षिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग से अवगत कराया। सत्र की मुख्य वक्ता डॉ. रुचिका धुर्वे, सहायक प्राध्यापक, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़, ने ई-कंटेंट के निर्माण, चयन एवं उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रभावी ई-कंटेंट तैयार करते समय विषयवस्तु की प्रामाणिकता, विश्वसनीयता, प्रस्तुतीकरण तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं का ध्यान रखना आवश्यक है।
डॉ. धुर्वे ने सलाह दी कि डिजिटल सामग्री का उपयोग करते समय उसके स्रोत की विश्वसनीयता अवश्य सुनिश्चित की जाए तथा स्वयं द्वारा तैयार सामग्री भी प्रामाणिक एवं अधिकृत शैक्षिक प्लेटफॉर्म पर ही साझा की जाए। उन्होंने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय, ई-पीजी पाठशाला जैसे निःशुल्क एवं विश्वसनीय डिजिटल प्लेटफॉर्म से परिचित कराया, जहां ई-पुस्तकें, वीडियो, क्विज, कहानी और अन्य शिक्षण सामग्री उपलब्ध है। सत्र में प्रसार भारती, Google Gemini और NotebookLM जैसे डिजिटल एवं AI आधारित संसाधनों के शैक्षिक उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
सत्र के अंत में प्रो. गीता चौधरी, सह-समन्वयक, IQAC, ने समापन वक्तव्य एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य वक्ता डॉ. रुचिका धुर्वे का ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक व्याख्यान के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही प्रो. (कैप्टन) लता कुमार, महाविद्यालय प्रशासन, आयोजन समिति, तकनीकी टीम और सभी प्रतिभागियों के सहयोग के लिए कृतज्ञता व्यक्त की। प्रो. चौधरी ने कहा कि यह सत्र सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी रहा।
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