नित्य संदेश ब्यूरो
प्रयागराज। मोटर एक्सीडेंट क्लेम पिटिशन दाखिल करने वाली विधवा रिंकी पत्नी स्वर्गीय दीपक कुमार निवासी जौनपुरा, मुरादपुर, हापुड़ को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने याची रिंकी, के विरुद्ध रामपुर में दर्ज आपराधिक मामले में अगली सुनवाई तक उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
याची की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी ने कोर्ट को बताया कि रिंकी के पति दीपक कुमार की छह अप्रैल 2019 को सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई थी। दुर्घटना के संबंध में ट्रक चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और जांच के बाद उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की गई। बाद में बयानों में समय को लेकर विरोधाभास के आधार पर एसआईटी ने 20 जनवरी 2025 को थाना सिविल लाइंस, रामपुर में रिंकी व उसके देवर कालू उर्फ विवेक कुमार निवासी पुरानी मस्जिद कासना, ग्रेटर नोएडा तथा जीजा विजय सिंह निवासी छपौरा बादलपुर *गौतम बुद्धनगर* के खिलाफ इन्सुरेंस कम्पनी के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप पर मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल कर दी।
याची का कहना था कि उसने वर्ष 2019 में रामपुर में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में क्लेम पिटिशन दाखिल की थी, जिसे पोषणीय न होने के कारण 24 जुलाई 2023 को वापस ले लिया गया था।याची खुद पीड़ित है उसके पति की मृत्यु भी हुई और उसे कोई पैसा भी नही मिला व उसी को ही उल्टे झूठे केस में एस आई टी ने फसा दिया।
अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि बिना निष्पक्ष जांच के केवल बयानों में विरोधाभास के आधार पर फर्जी क्लेम करने का मुकदमा वर्ष 2025 में एस आई टी लखनऊ द्वारा दर्ज किया गया।
कोर्ट ने मामले में अपर शासकीय अधिवक्ता से 10 दिन में विस्तृत जवाब मांगा और तब तक याची के विरुद्ध चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी। आदेश 14 सितंबर 2026 को पारित हुआ।
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