Tuesday, September 15, 2026

दिव्यांग छात्रों की प्रतिभा को मिलेगा मंच, परिषदीय स्कूलों में खेल, कला और सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिखाएंगे हुनर


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। प्रतिभा किसी शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती। इसी वाक्य को चरितार्थ करते हुए प्रदेश सरकार अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को अपनी कौशल विकास की क्षमताएं साबित करने के लिए बड़ा मंच देने जा रही है।

इसके लिए ब्लॉक और जिला स्तर पर अध्ययनरत ऐसे बच्चों की प्रतिभा को विभिन्न क्षेत्रों में तराशा जाएगा। विश्व दिव्यांगता दिवस पर दिव्यांग बच्चे ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक होने वाले विशेष आयोजनों में खेल के मैदान से लेकर कला और सांस्कृतिक मंच तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। सरकार की इस पहल का मकसद बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ समाज को यह संदेश देना भी है कि अवसर मिले तो दिव्यांग बच्चे भी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। कार्यक्रमों में दिव्यांग बच्चों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ब्लॉक और जिला स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। बच्चों को अपनी पसंद और क्षमता के अनुरूप गतिविधियों में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जहां उनकी रचनात्मक क्षमता सामने आएगी, वहीं खेल प्रतियोगिताओं में उनकी सक्रियता और आत्मविश्वास देखने को मिलेगा। चित्रकला प्रतियोगिता के जरिए बच्चों को अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से व्यक्त करने का अवसर दिया जाएगा। विभिन्न गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे भी अपनी प्रतिभा निखारने की प्रेरणा मिल सके।

बच्चों के साथ शिक्षक और अभिभावक भी होंगे सम्मानित
दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और उनके विकास में योगदान देने वाले शिक्षकों और अभिभावकों को भी सम्मानित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि बच्चों की क्षमताओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने में विद्यालय के साथ परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में बच्चों के साथ उनके सहयोगी शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान को भी मंच दिया जाएगा।

बीएसए आशा चौधरी ने कहा कि दिव्यांग बच्चे प्रतिभा के मामले में किसी से पीछे नहीं हैं। उन्हें उचित अवसर और मंच मिलने पर वे अपनी क्षमताओं का बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। विश्व दिव्यांगता दिवस पर होने वाले कार्यक्रम बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने का माध्यम बनेंगे। ब्लॉक और जिला स्तर पर आयोजित गतिविधियों में अधिक से अधिक बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

No comments:

Post a Comment