Tuesday, September 15, 2026

जर्जर भवन में बंद पड़ा स्वास्थ्य उपकेंद्र, इलाज के लिए भटक रहे ग्रामीण

वसीम अहमद
नित्य संदेश, किठौर। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकार के दावों के बीच ग्राम राधना इनायतपुर, ब्लॉक माछरा का स्वास्थ्य उपकेंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा स्वास्थ्य उपकेंद्र बंद है, जिसके चलते ग्रामीणों को मामूली उपचार और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ रहा है। 

ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन लंबे समय से मरम्मत की बाट जोह रहा है। भवन की स्थिति ऐसी है कि यहां स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करना तो दूर, इसमें बैठना भी जोखिम भरा नजर आता है। उपकेंद्र बंद होने के कारण गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों को समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है।

सरकारी दावों पर सवाल
सरकार लगातार गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने के दावे करती है। इसके लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों और अन्य ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों को सुविधाओं से लैस करने की योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। लेकिन राधना इनायतपुर का यह स्वास्थ्य उपकेंद्र इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़ा कर रहा है।

सवाल यह है कि जब गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र का भवन मौजूद है तो उसे जर्जर हालत में छोड़कर स्वास्थ्य सेवाएं क्यों बंद पड़ी हैं? भवन की मरम्मत के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई? संबंधित विभाग ने भवन की स्थिति का निरीक्षण कब किया और मरम्मत के लिए प्रस्ताव कब भेजा गया? यदि प्रस्ताव भेजा गया है तो काम शुरू क्यों नहीं हुआ?

जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान
ग्रामीणों का आरोप है कि उपकेंद्र की बदहाल स्थिति के बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारियों का इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं है। यदि समय रहते भवन की मरम्मत और आवश्यक व्यवस्थाएं करा दी जातीं तो ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए भटकना नहीं पड़ता। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या अधिकारियों को इस जर्जर भवन की जानकारी नहीं है? यदि जानकारी है तो अब तक मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?

ग्रामीणों की मांग-जल्द शुरू हो स्वास्थ्य सेवाएं
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य उपकेंद्र के भवन का स्थलीय निरीक्षण कराने, जर्जर हिस्से की तत्काल मरम्मत कराने और उपकेंद्र में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए बजट खर्च कर रही है, लेकिन धरातल पर यदि भवन ही बंद पड़ा रहे तो योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक कैसे पहुंचेगा। अब देखना यह है कि राधना इनायतपुर के इस जर्जर स्वास्थ्य उपकेंद्र की तस्वीर कब बदलेगी और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा।

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