Thursday, September 3, 2026

शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला महाविद्यालय में श्रीकृष्ण के नेतृत्व और प्रबंधन पर व्याख्यान, छात्राओं ने सीखे जीवन प्रबंधन के सूत्र


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ (IKS), अर्थशास्त्र विभाग, राजनीति विज्ञान विभाग एवं नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत के संयुक्त तत्वावधान में विशेष अतिथि व्याख्यान एवं ध्यान सत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम प्रख्यात गुरु पवन सिन्हा के पावन चिंतन धारा आश्रम के यूथ अवेकनिंग मिशन के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुरभि शर्मा ने “Leadership and Management of Lord Shri Krishna” विषय पर छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, व्यक्तित्व और उनके नेतृत्व कौशल की विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार श्रीकृष्ण की निर्णय लेने की क्षमता, रणनीतिक दृष्टिकोण, परिस्थिति के अनुसार प्रबंधन और प्रभावी संवाद कौशल आज के आधुनिक नेतृत्व एवं प्रबंधन के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक और प्रेरणादायी है। छात्राओं ने भी विषय में गहरी रुचि दिखाते हुए प्रश्नोत्तर में सक्रिय भागीदारी की।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता सुश्री प्रेरणा महाजन ने छात्राओं को एकाग्रता, मानसिक शांति और तनावमुक्त जीवन के लिए ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला और छात्राओं को ध्यान का अभ्यास भी कराया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अंजू सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं है, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेना, टीम को प्रेरित करना, चुनौतियों का सामना करना और समाज व राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ एवं अर्थशास्त्र विभाग की प्रभारी प्रो. भारती दीक्षित तथा राजनीति विज्ञान विभाग की प्रभारी प्रो. अनुजा गर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यूथ अवेकनिंग मिशन से सुश्री ज्योति देशवाल एवं शशि बाला का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रो. मंजू रानी, प्रो. गीता चौधरी, डॉ. निरुपमा सिंह, प्रो. आर.सी. सिंह सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment