Friday, September 25, 2026

झिलमिलाती झांकियों से रोशन हुई अनंत चतुर्दशी की रात

नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। अनंत चतुर्दशी पर इंदौर की 103 साल पुरानी झांकी परंपरा एक बार फिर जीवंत हो उठी। शुक्रवार शाम छह बजे भगवान खजराना गणेश की झांकी के साथ चल समारोह का शुभारंभ हुआ। 

इसके बाद आईडीए, नगर निगम और छह मिलों सहित कुल 22 झांकियां शहर की सड़कों पर निकलीं। 

झांकियों को देखने के लिए इंदौर के साथ आसपास के शहरों और गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। 

सड़क, दुकानों और मकानों की छतों पर देर रात तक दर्शकों की भीड़ नजर आई।

इस बार झांकियों में धार्मिक और सामाजिक संदेशों के साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। 

एआई, थ्रीडी, हाइड्रोलिक सिस्टम और विशेष विद्युत सज्जा से झांकियों को आकर्षक रूप दिया गया। 

हुकुमचंद मिल की झांकी में भगवान गणेश द्वारा सिंदरासुर वध, मालवा मिल की मछली जल की रानी और शिव बारात की झांकियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहीं। 

राजकुमार मिल ने मधु-कैटभ और भगवान विष्णु के युद्ध का भव्य दृश्य प्रस्तुत किया।

स्वदेशी मिल की झांकी में नशामुक्ति का संदेश दिया गया, जबकि कल्याण मिल की झांकी में नारी शक्ति और महिला सशक्तीकरण को दर्शाया गया।

नगर निगम की जेन-जी आधारित झांकी में युवाओं को शिक्षा, देशभक्ति और संस्कारों से जोड़ने का संदेश दिया गया।

झांकियों के साथ शहर के प्रमुख अखाड़ों ने भी शस्त्र कला और पारंपरिक करतब दिखाए।


महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी प्रस्तुतियां दीं। 

कृष्णपुरा छत्री पर निर्णायक मंच बनाया गया था और अखाड़ों को प्रदर्शन के लिए तीन मिनट का समय दिया गया। 

समय सीमा का उल्लंघन करने पर निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था रही।

झांकी मार्ग पर यातायात नियंत्रित करने के लिए दो हजार से अधिक पुलिस जवान तैनात किए गए। 


कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बंद रही और यातायात डायवर्ट किया गया। 

103 साल पहले मिल श्रमिकों द्वारा शुरू की गई यह परंपरा आज भी जनसहयोग से लगातार जारी है।

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