नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SCRIET) में गुरुवार, 17 सितंबर को विश्वकर्मा दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में संस्थान की कार्यशालाओं में स्थापित मशीनों एवं उपकरणों का विधिवत पूजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने तकनीकी ज्ञान के साथ कौशल, परिश्रम और कर्म के महत्व को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डीन टेक्नोलॉजी डॉ. आर.के. सोनी, चीफ वार्डन डॉ. दिनेश कुमार तथा निदेशक एससीआरआईटी डॉ. नीरज सिंघल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद विधिवत हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विश्वकर्मा भगवान का पूजन किया गया तथा संस्थान की वर्कशॉप में उपयोग होने वाली मशीनों एवं उपकरणों का भी विधिवत पूजन किया गया। इस अवसर पर निदेशक डॉ. नीरज सिंघल ने विद्यार्थियों को विश्वकर्मा दिवस के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को निर्माण, शिल्प और तकनीकी कौशल का प्रतीक माना जाता है। इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए यह दिवस केवल पूजा का अवसर नहीं, बल्कि तकनीकी ज्ञान को कौशल और रचनात्मकता के साथ जोड़ने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्कशॉप में उपलब्ध मशीनों और उपकरणों का सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग करते हुए अपने व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा में कक्षा के ज्ञान के साथ प्रयोगशाला और वर्कशॉप का व्यावहारिक अनुभव भी महत्वपूर्ण है। तकनीकी क्षेत्र में सफलता के लिए निरंतर सीखने, मेहनत और नई तकनीकों को समझने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. शिवम गोयल, वर्कशॉप इंचार्ज इंजी प्रवेश कुमार सहित विभाग के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने विश्वकर्मा पूजन में सहभागिता की और संस्थान की कार्यशालाओं एवं तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग का संकल्प लिया।
विश्वकर्मा दिवस के आयोजन ने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ कौशल, श्रम, अनुशासन और रचनात्मक सोच के महत्व का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी दक्षता विकसित करने तथा वर्कशॉप में प्राप्त व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से अपने ज्ञान को मजबूत करने के लिए प्रेरित करना रहा।

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