नरेश उपाध्याय
नित्य संदेश, मेरठ। वृंदावनेश्वरी भगवती श्री राधा जी के पावन प्राकट्य दिवस के महापर्व के अवसर पर ए ब्लॉक, शास्त्रीनगर स्थित शिव-पार्वती दुर्गा मंदिर में संगीतमयी भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। अंतराष्ट्रीय कवयित्री एवं भजन गायिका तुषा शर्मा ने अपनी मधुर वाणाी से एक के बाद एक अनेक भजन गाकर पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस मौके पर विश्व गीता संस्थान के संस्थापक और विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री आचार्य राधाकृष्ण मनौड़ी ने राधाष्टमी एवं श्रीमद् भगवदगीता पर विस्तार से प्रवचन किये। उन्होंने बताया कि जहां राधाजी हैं, वहीं भगवान श्री कृष्ण हैं और जहां श्री कृष्ण हैं वहीं राधा जी हैं। उन्होंने कहा कि गीता में मानव जीवन की हर समस्या का समाधान है। हर व्यक्ति को गीता का अध्ययन करना चाहिए।
इससे पूर्व मंदिर के महंत आचार्य पंडित कपिल भदौला ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराकर भजन संध्या का शुभारंभ कराया। मंदिर में विराजमान गणेशजी और श्री राधा-कृष्ण जी सहित सभी देवी-देवताओं की पूजा अर्चना की गई। भजन संध्या के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. सोमेंद्र तोमर रहे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर सभी को राधाष्टमी की बधाई दी। अन्य अतिथियों में वरिष्ठ कवि एवं इतिहासकार डा. किरण सिंह, कर्नल ओंकार शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सक डा. संजय जैन, डा. आशु मित्तल, शिक्षाविद् जगतवीर सिह जगन्नाथ, विश्व गीता संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष प्रधानाचार्य डा. जितेंद्र त्यागी, वरिष्ठ कवि मुक्तक सम्राट डा. ईश्वर चंद गंभीर, सीए प्रभात गुप्ता आदि शामिल रहे। इस मौके पर आचार्य राधाकृष्ण मनौड़ी, कवयित्री तुषा शर्मा, उनकी पूरी टीम, मंदिर समिति की अध्यक्ष ममता अहलावत, पंडित कपिल भदौला, डा. किरण सिंह, कर्नल ओंकार शर्मा, जितेंद्र त्यागी आदि को पटका ओर स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजक नरेश उपाध्याय, ममता अहलावत और डा.जितेंद्र त्यागी ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जगदीश प्रसाद उपाध्याय, राकेश भारद्वाज, राकेश कुमार विक्की, नीरज गर्ग, कवि सुमनेश सुमन, अजय त्यागी, विपिन उपाध्याय, विनोद उपाध्याय, प्रदीप कुमार, चंद्रभान सिंह उपाध्याय, श्रीमती सुखवीरी देवी, संयोगिता भारद्वाज, मीनाक्षी भारद्वाज, सीमा त्यागी, प्रीति तोमर, ममता रानी आदि शामिल रहे। ---
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राधा नाम की भक्ति में डूबे श्रद्धालु, गूंजा गीता का संदेश
मेरठ। वृंदावनेश्वरी भगवती श्री राधा जी के पावन प्राकट्य दिवस राधाष्टमी के महापर्व पर शनिवार को ए ब्लॉक, शास्त्रीनगर स्थित शिव-पार्वती दुर्गा मंदिर श्री राधा-कृष्ण की भक्ति से सराबोर हो गया। मंदिर में आयोजित संगीतमयी भजन संध्या में अंतरराष्ट्रीय कवयित्री एवं भजन गायिका तुषा शर्मा ने अपनी मधुर वाणी से एक के बाद एक भजन प्रस्तुत कर ऐसा भक्तिमय वातावरण बनाया कि श्रद्धालु देर तक राधा-कृष्ण की भक्ति में झूमते रहे। करीब तीन घंटे तक चली भजन संध्या के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में विश्व गीता संस्थान के संस्थापक एवं विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री आचार्य राधाकृष्ण मनौड़ी ने राधाष्टमी और श्रीमद्भगवद्गीता के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राधा और कृष्ण एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। जहां राधाजी हैं, वहीं भगवान श्रीकृष्ण हैं और जहां श्रीकृष्ण हैं, वहीं राधाजी का वास है। राधा नाम प्रेम, समर्पण और भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला जीवन-दर्शन है। मनुष्य के जीवन में आने वाली सभी समस्याओं का समाधान गीता के संदेशों में निहित है। प्रत्येक व्यक्ति को गीता का अध्ययन कर उसके संदेश को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए
मंत्रोच्चार के साथ हुआ शुभारंभ
इससे पूर्व मंदिर के महंत आचार्य पंडित कपिल भदौला ने मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर भजन संध्या का शुभारंभ कराया। मंदिर में विराजमान गणेशजी, श्री राधा-कृष्ण जी सहित सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण के जयकारे लगाए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. सोमेंद्र तोमर रहे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर सभी को राधाष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने श्री राधा-कृष्ण की भक्ति को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर बताया।
भजन और गीता के संदेश से भक्तिमय हुआ वातावरण भजन गायिका तुषा शर्मा के भजनों के साथ पूरा मंदिर परिसर राधा-कृष्ण की भक्ति में डूब गया। उनके साथ पूरी टीम ने भी भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लेने के साथ राधा-कृष्ण के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। भजन संध्या के दौरान आध्यात्मिक वातावरण ऐसा बना कि श्रद्धालु देर तक भक्ति रस में सराबोर रहे।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ कवि एवं इतिहासकार डा. किरण सिंह, कर्नल ओंकार शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सक डा. संजय जैन, डा. आशु मित्तल, शिक्षाविद् जगतवीर सिंह जगन्नाथ, मंदिर समिति की अध्यक्ष ममता अहलावत, विश्व गीता संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्रधानाचार्य डा. जितेंद्र त्यागी, वरिष्ठ कवि मुक्तक सम्राट डा. ईश्वर चंद गंभीर, सीए प्रभात गुप्ता आदि मौजूद रहे।
अतिथियों का सम्मान
कार्यक्रम में आचार्य राधाकृष्ण मनौड़ी, कवयित्री तुषा शर्मा एवं उनकी पूरी टीम, डा. किरण सिंह, मंदिर समिति की अध्यक्ष ममता अहलावत, पंडित कपिल भदौला, कर्नल ओंकार शर्मा और डा. जितेंद्र त्यागी आदि को पटका एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम संयोजक नरेश उपाध्याय, ममता अहलावत और डा. जितेंद्र त्यागी ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में जगदीश प्रसाद उपाध्याय, राकेश भारद्वाज, राकेश कुमार विक्की, नीरज गर्ग, कवि सुमनेश सुमन, अजय त्यागी, वीडी स्वामी, विपिन उपाध्याय, विनोद उपाध्याय, प्रदीप कुमार, चंद्रभान सिंह उपाध्याय, श्रीमती सुखवीरी देवी, संयोगिता भारद्वाज, सुनीता उपाध्याय, दीपा उपाध्याय, मीनाक्षी भारद्वाज, सीमा त्यागी, प्रीति तोमर, ममता रानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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गीता-जीवन को दिशा देने वाला ज्ञान
विश्व गीता संस्थान के संस्थापक और विहिप के केंद्रीय मंत्री आचार्य राधाकृष्ण मनौड़ी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता मनुष्य को कर्म, कर्तव्य, आत्मसंयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। जीवन की परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, गीता का ज्ञान मनुष्य को धैर्य और सही मार्ग का बोध कराता है। गीता के संदेश को जीवन में उतारना ही उसके प्रति सच्ची श्रद्धा है। राधाष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और समर्पण की अनुभूति का अवसर है। राधा-कृष्ण की आराधना भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में प्रेम की उस भावना का प्रतीक है, जिसमें अहंकार का स्थान नहीं, केवल समर्पण और भक्ति का भाव होता है।
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