डा. अभिषेक डबास
नित्य संदेश, मोदीपुरम। शोभित विश्वविद्यालय में भगवान विश्वकर्मा की पूजा के पावन अवसर पर विश्वविद्यालय की लैब में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति, वरिष्ठ अधिकारियों, निदेशकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उपस्थित होकर भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर माननीय कुलपति ने कहा कि विश्वकर्मा पूजा की परंपरा हमें यह संदेश देती है कि तकनीक और कला का समन्वय ही प्रगति का वास्तविक इंजन है। भगवान विश्वकर्मा सृजनात्मकता, तकनीकी कौशल, शिल्प एवं नवाचार के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और नवाचार-आधारित कार्य संस्कृति के माध्यम से ही समाज एवं राष्ट्र को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सभी स्थानीय नागरिकों, उद्योगपतियों एवं समाजसेवियों से सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों का पालन करने तथा अपने कार्यस्थलों को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं समृद्ध बनाने का आह्वान किया। साथ ही, ‘मेक इन इंडिया’ एवं ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने के लिए स्थानीय प्रतिभा, स्वदेशी तकनीक एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
पूजा के दौरान विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं, तकनीकी संसाधनों एवं कार्यस्थलों की प्रगति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की गई। उपस्थित विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने तकनीकी ज्ञान, नवाचार, कौशल एवं रचनात्मकता को बढ़ावा देने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण एवं सभी के मंगलमय भविष्य की कामना के साथ हुआ।


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