नित्य संदेश, इंदौर। ग़ज़लगोई के लिए मशहूर अदबी बज़्म " परवाज़ ए ग़ज़ल, इंदौर " के ज़ेरे एहतिमाम इक अदबी निशस्त इतवार को होटल अंगारा रूफ़टॉप में मक़बूल शाइर जनाब विकास जोशी " वाहिद " साहब की अज़ीमुश्शान सदारत में मुनक़्क़ीद की गई, जिसकी उम्दा निज़ामत जनाब दिनेश वर्मा "दानिश " ने की । तक़रीबन चार घंटे चली सुख़न-सराई की यह महफ़िल अपनी इब्तिदा से ही पूरे उरुज पर रही, इस अदबी महफ़िल में मौजूद हर इक शाइर ने अपने क़लाम से सभी सामईन को मुतास्सिर किया । परवाज़ ए ग़ज़ल की हर इक निशस्त में उम्दा मेआर की शाइरी सुनने को मिलती है और इस बार भी सुख़नवरों की मेहनत ने निशस्त में चार चाँद लगा दिए । निशस्त की शुरुआत में शाइर डॉ. वासिफ़ काज़ी ने परवाज़ ए ग़ज़ल की अदबी काविशों पर रोशनी डाली, उसके बाद निशस्त का आग़ाज़ हुआ जिसमें जनाब सुरेंद्र व्यास सरल, हरजीत सिंह भाटिया, हिमांशु व्यास, डॉ. अजय ढींगरा अजय, रवि खंडेलवाल, डॉ. वासिफ़ काज़ी, बालकराम शाद, ओमप्रकाश जोशी बब्बू, नितिन पंडे, आर. डी. माहौर राही, सुनील मुसाफ़िर, आदित्य ज़रखेज़, यश शुक्ला, संजय जैन बेज़ार, विमल कुमार विमल ने उम्दा शाइरी से निशस्त को यादगार बना दिया । निशस्त में हरदा से तशरीफ़ लाये मक़बूल शाइर -कवि जनाब जयकृष्ण चांडक मेहमान ए ख़ुसुसी रहे जिनकी छोटी बह्र की ग़ज़लों ने सामईन पर गहरा असर किया।
सद्र ए महफ़िल विकास जोशी साहब, हरजीत सिंह, हिमांशु व्यास, नितिन पंडे, अजय ढींगरा, डॉ. काज़ी ने सबसे उम्दा अशआर पढ़ महफ़िल लूट ली.... हर बार की तरह इस दफ़ा भी दिनेश "दानिश " की निज़ामत पुर- असर रही । आख़िर में विमल कुमार विमल ने तमाम शोअरा इक़राम का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया । परवाज़ ए ग़ज़ल तंज़ीम के रुहे रवाँ जनाब अजय 'अज्ञात ' साहब ने इस उम्दा तक़रीब पर सभी को मुबारकबाद पेश की।

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