Tuesday, September 1, 2026

एनसीआरटीसी ने एक साल में यात्रियों को लौटाए लगभग 500 खोए हुए सामान, बिछड़ों को परिजनों से भी मिलाया

 


नित्य संदेश ब्यूरो

नई दिल्ली। हर दिन एक लाख से अधिक यात्री लैपटॉप, मोबाइल फ़ोन, वॉलेट, ज़रूरी कागज़ात और अन्य निजी सामान के साथ दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रा करते हैं। रोज़मर्रा की इसी भागदौड़ में यात्रियों से कभी-कभी कोई सामान छूट जाना स्वाभाविक है लेकिन नमो भारत कॉरिडोर पर एक समर्पित व्यवस्था निरंतर यह सुनिश्चित करने में जुटी रहती है कि यह बहुमूल्य सामान अपने सही मालिकों तक वापस पहुँचे, और साथ ही ज़रूरतमंद यात्रियों की भी हरसंभव मदद हो सके।


पिछले एक साल में एनसीआरटीसी ने 500 से अधिक खोए या छूटे हुए सामान यात्रियों को वापस लौटाए हैं। यह उपलब्धि एनसीआरटीसी की 'पैसेंजर-फर्स्ट' दृष्टिकोण की मिसाल है। इनमें लैपटॉप, स्मार्टफ़ोन, आईपैड, ज़रूरी कागज़ात, ट्रॉली बैग, गाड़ी की चाबियाँ, कपड़े, वॉलेट और नकदी शामिल रहे। इन वस्तुओं का महत्व सिर्फ़ आर्थिक नहीं होता, अक्सर इनसे जुड़ी भावनाएँ और यादें इन्हें और भी अनमोल बना देती हैं।


खोया सामान वापस पाने की आसान प्रक्रिया

एनसीआरटीसी ने खोए हुए सामान की रिपोर्ट करने और उसे ट्रैक करने के लिए एक आसान प्रक्रिया बनाई है। नमो भारत में सफ़र के दौरान यदि किसी यात्री का सामान खो जाता है, तो वह इसकी रिपोर्ट 'लॉस्ट एंड फ़ाउंड सेंटर' में दर्ज करा सकता है। इसी तरह, यदि स्टेशन स्टाफ़, सुरक्षा कर्मियों या ट्रेन अटेंडेंट को कोई लावारिस सामान मिलता है, या किसी ऑपरेशन स्टाफ़ सदस्य या यात्री को ऐसा सामान प्राप्त होता है, तो आवश्यक कागज़ी कार्रवाई के बाद उसे गाज़ियाबाद नमो भारत स्टेशन स्थित 'लॉस्ट एंड फ़ाउंड सेंटर' में जमा कर दिया जाता है। यात्री कस्टमर केयर सेंटर पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या 08069651515 पर कॉल कर सकते हैं। 'लॉस्ट एंड फ़ाउंड सेंटर' में जमा सामान की सूची 'नमो भारत कनेक्ट' ऐप और आधिकारिक वेबसाइट namobharat.ncrtc.in पर उपलब्ध है, जहाँ यात्री अपना सामान ट्रैक कर सकते हैं और वेरिफ़िकेशन के बाद उसे वापस प्राप्त कर सकते हैं।



संवेदनशीलता की मिसाल

एनसीआरटीसी टीम की भूमिका सिर्फ़ खोया हुआ सामान लौटाने तक सीमित नहीं है। पिछले एक साल में इसके कर्मियों ने कई बार ज़रूरतमंद यात्रियों की मदद की, बिछड़े परिवारों को मिलाया और ऐसी स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की, जहाँ समय पर हस्तक्षेप से संभावित दुर्घटनाएँ टल गईं। एक ऐसी ही घटना में, दो युवा बहनें गलती से गाज़ियाबाद के बजाय दुहाई नमो भारत स्टेशन पर उतर गई थीं। एनसीआरटीसी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक घंटे के भीतर उनके पिता से मिला दिया। एक अन्य घटना में, गाज़ियाबाद स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के बाद एक छोटा बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ गया। अलग-अलग स्टेशन टीमों के आपसी तालमेल से उसे सुरक्षित रूप से वापस मिलाया गया। इसी तरह, मोदीनगर साउथ स्टेशन पर एक बच्ची के अभिभावक ट्रेन से उतर गए जबकि वह ट्रेन में ही रह गई। एनसीआरटीसी टीम ने तत्काल कार्रवाई कर उसे उसके परिवार से मिलाया। अन्य घटना में बेगमपुल स्टेशन पर गलत ट्रेन में चढ़े एक बच्चे को भी टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से परिजनों से मिलाया गया।


विशेष रूप से उल्लेखनीय एक घटना में, सितंबर 2025 में आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर सीसीटीवी की रियल-टाइम निगरानी के ज़रिये तीन नाबालिग लड़कियों की पहचान की गई, जो 4 वयस्क पुरुषों के साथ यात्रा करते हुए परेशान नज़र आ रही थीं। मामले की सूचना तुरंत सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस को दी गई। जांच में पुष्टि हुई कि ये लड़कियां उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से लापता थीं, जिसकी रिपोर्ट पहले ही दर्ज थी। लड़कियों को सुरक्षित रूप से संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।


मेरठ साउथ स्टेशन पर, एक युवती को पुलिस के साथ समन्वय कर सुरक्षित रूप से उसके परिवार से मिलाया गया, जबकि दुहाई स्टेशन पर उलझन की स्थिति में घूमते मिले एक बुज़ुर्ग व्यक्ति की तुरंत मदद की गई। चाहे किसी यात्री का भूला हुआ लैपटॉप लौटाना हो, किसी बिछड़े बच्चे को परिवार से मिलाना हो, या संकट में फंसे किसी व्यक्ति की तुरंत मदद करनी हो - ये दैनिक प्रयास नमो भारत कॉरिडोर पर पर्दे के पीछे निरंतर जारी रहते हैं। एनसीआरटीसी टीम मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि नमो भारत की पहचान न सिर्फ अपनी गति और विश्वसनीयता के लिए हो, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और उनके भरोसे के लिए भी हो।

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