Tuesday, September 1, 2026

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2027 पहली तिमाही में उत्तर प्रदेश में टर्म प्लान व्यवसाय में दर्ज की 72.6% की सालाना वृद्धि



नित्य संदेश ब्यूरो 

मेरठ। कंपनी ने उत्तर प्रदेश में टर्म प्लान (रिटेल प्रोटेक्शन) व्यवसाय के लिए वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान 72.6% की उल्लेखनीय सालाना वृद्धि दर्ज की। इस कंपनी ने 31 मार्च, 2026 तक राज्य में 31,18,423 लोगों को कवर किया। उत्तर प्रदेश में कंपनी के बचत व्यवसाय की भी उल्लेखनीय माँग है, जिसमें लिंक्ड, गैर-लिंक्ड और एन्युइटी व्यवसाय शामिल हैं। राज्य में कंपनी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति (एयूएम) 31 मार्च, 2026 तक, 20,178 करोड़ रुपए थी। साथ ही, कंपनी ने 31 मार्च, 2026 तक राज्य में 1,95,789 करोड़ रुपए का सम एश्योर्ड दर्ज किया और पिछले 7 साल में, कंपनी ने उत्तर प्रदेश राज्य में अपने ग्राहकों को कुल 6,648 करोड़ रुपए के विभिन्न किस्म के लाभ (बेनिफिट) प्रदान किए।

 

निदेशक मंडल ने हाल ही में कंपनी का नाम बदलकर ‘आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड’ करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है। उत्तर प्रदेश में कंपनी की 37 शाखाएँ और 28,521 एडवाइज़र हैं, साथ ही 6,278 भागीदार शाखा और 6,567 स्पेसिफाइड पर्सन भी हैं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के मुख्य वितरण अधिकारी अमीश बैंकर ने कहा, "उत्तर प्रदेश हमारी कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाज़ार बना हुआ है और राज्य के शहरी तथा उभरते, दोनों तरह के केंद्रों में उल्लेखनीय वृद्धि नज़र आ रही है। पिछले कुछ समय में, हमने ग्राहकों के व्यवहार में स्पष्ट बदलाव देखा है, जहाँ लोग अपने कुल वित्तीय लक्ष्यों के अंग के रूप में वित्तीय सुरक्षा, लंबी अवधि की बचत और सेवानिवृत्ति योजना को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। वितरण, डिजिटल क्षमताओं, अलग-अलग तरह के उत्पाद और ग्राहकों के साथ जुड़ाव में हमारे निरंतर निवेश से हमें इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिल रही है। हमारी कंपनी की रणनीति ग्राहकों के लिए अपने भविष्य की योजना बनाना और उसे नियंत्रित करना आसान बनाना है। हमारे सभी प्रयास इसी दिशा में केंद्रित हैं। हमारी कंपनी, कुल मिलाकर, ग्राहकों के पूरी बीमा अवधि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटलाइज़ेशन का इस्तेमाल करती है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के दौरान, कंपनी के स्तर पर, हमारी लगभग 54% बचत पॉलिसी उसी दिन जारी की गई, और हमारी लगभग 58% बीमा पॉलिसी डिजिटल केवायसी का इस्तेमाल कर जारी की गईं। महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारी 97% सेवाएँ सेल्फ-हेल्प या डिजिटल माध्यमों से प्रदान की जाती हैं, जिससे हमारे ग्राहक बस फोन के बटन दबाकर आसानी से अपनी पॉलिसी का प्रबंधन कर सकते हैं।

 

इसके अलावा, हमने उद्योग का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म- आईसीआईसीआई प्रू पार्टनर स्टैक लॉन्च किया है, जो अपनी तरह का पहला क्षमताओं का सेट है और इसमें डिजिटल टूल और एनालिटिक्स का मेल है। इसके साथ-साथ हमारा एडवाइज़र स्टैक- आईप्रू एज देश भर में फैली हमारी 2.44 लाख से अधिक एजेंट के नेटवर्क को कुशलतापूर्वक अपना व्यवसाय बढ़ाने, परिचालन का प्रबंधन करने, आवेदन वाले दिन ही पॉलिसी जारी करने और ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने में मदद करता है। हम चुनिंदा वितरकों को उसी दिन कमीशन का भुगतान करने वाली पहली कंपनी हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि नया वितरण भागीदार 2 सप्ताह से भी कम समय में ऑनबोर्ड हो जाता है।

 

इसके अलावा, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में हमारा दावा निपटान अनुपात 99.3% रहा और पूरी कंपनी के स्तर पर बिना जाँच वाले व्यक्तिगत दावे के लिए औसत निपटान अवधि समय सिर्फ 1 दिन रही, जो हमारे ग्राहकों और उनके परिवारों से किए गए वादे को पूरा करने के हमारे संकल्प को दर्शाता है। हमारी दावा निपटान प्रक्रिया बेहद सरल है। दावे का अनुरोध कंपनी की वेबसाइट, ईमेल, एसएमएस, व्हाट्सऐप, शाखा जा कर या हमारे 24x7 ग्राहक समर्थन के ज़रिए आसानी से किया जा सकता है। इसके अलावा, हमारी कंपनी का शुरुआती दावा अनुपात 22% है, जो उद्योग के लिहाज़ से बेहतरीन है। इस स्पष्ट है कि पिछले कुछ सालों में हमने अच्छी गुणवत्ता वाले व्यवसाय पर विशेष ध्यान दिया है। साथ ही, हमारी कंपनी ने 31 मार्च, 2026 तक उत्तर प्रदेश में बीमित व्यक्ति की मृत्यु के दावा निपटान के तौर पर 2,544 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

 

उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक स्तर पर बड़े अवसर हैं और हम अपनी पहुँच बढ़ाने, आसानी से उपलब्ध होने और राज्य भर के ग्राहकों की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने वाले समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” कंपनी, देश की सर्वश्रेष्ठ ग्राहक और भागीदार अनुकूल बीमाकर्ता बनने की अपनी रणनीति के तहत, बीमा की पहुँच बढ़ाने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए वितरण बढ़ा रही है और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी, अपनी इस रणनीति के तहत ब्रांच के विस्तार, एडवाइज़र की नियुक्ति और विशेष रूप से ग्राहकों तक पहुँच बढ़ाकर उत्तर प्रदेश में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की योजना बना रही है।

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