-प्रदेश सरकार ने विश्वकर्मा योजना में ट्रेडों की संख्या 11 से बढ़ाकर की 25
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। बदलते रोजगार बाजार के साथ कदमताल करते हुए योगी सरकार ने युवाओं और
कारीगरों के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का दायरा व्यापक कर दिया है। अब
योजना में पहले से शामिल 11 ट्रेडों के साथ 14 नए ट्रेड जोड़े गए हैं। इस विस्तार
के बाद योजना में कुल 25 ट्रेड शामिल हो गए हैं। खास बात यह है कि सरकार ने
पारंपरिक हुनर को संबल देने के साथ युवाओं के लिए तकनीक और आधुनिक सेवाओं से जुड़े
कामों के दरवाजे भी खोल दिए हैं।
नई व्यवस्था में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा जैसे पांच नए
पारंपरिक ट्रेड शामिल किए गए हैं। वहीं आधुनिक जरूरतों को देखते हुए मोबाइल
मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान मरम्मत, विद्युत सामान मरम्मत,
प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं
वेलनेस (ब्यूटीशियन) को भी योजना से जोड़ा गया है। यानी अब हुनर की परिभाषा केवल
परंपरागत दस्तकारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीकी और सेवा क्षेत्र के कौशल को
भी सरकारी प्रोत्साहन मिलेगा। योजना में पहले से शामिल 11 पारंपरिक ट्रेडों में
बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची
और धोबी शामिल हैं। नए ट्रेडों के जुड़ने से अब ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में
अलग-अलग तरह के हुनर रखने वाले अधिक कारीगर योजना के दायरे में आ सकेंगे। सरकार का
यह विस्तार युवाओं को बदलती तकनीक और बाजार की मांग के अनुरूप कौशल से जोड़ने की
दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर मोबाइल, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल,
इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों की मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन तथा डिजिटल
फोटोग्राफी जैसे क्षेत्रों को शामिल किए जाने से स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
10 दिन की ट्रेनिंग, 500 रुपये प्रतिदिन मानदेय
योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण अवधि में प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को 500 रुपये प्रतिदिन, यानी कुल 5,000
रुपये मानदेय डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान भोजन
और नाश्ते की व्यवस्था भी निःशुल्क रहेगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थियों
को 15,000 रुपये मूल्य तक की उन्नत टूलकिट निशुल्क दी जाएगी। साथ ही सरकारी
मान्यता प्राप्त कौशल प्रमाण-पत्र (आरपीएल) भी मिलेगा।
हुनर को कारोबार में बदलने के लिए 10 लाख तक ऋण
योजना में प्रशिक्षण के साथ कारोबार खड़ा करने के लिए वित्तीय मदद का भी
प्रावधान है। लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकेगा। सामान्य श्रेणी के
पुरुषों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, जबकि महिलाओं, ओबीसी, एससी, एसटी,
दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिकों को 5 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी होगी। शेष राशि
पर 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है। सीजीटीएमएसई योजना के तहत ऋण
100 प्रतिशत बिना गारंटी सुरक्षित होगा। नियमित भुगतान करने पर पांच वर्षों तक
ब्याज सब्सिडी भी दी जाएगी। छह महीने की मोरेटोरियम अवधि के बाद ऋण का भुगतान 54
किस्तों में किया जा सकेगा।
युवाओं के हुनर को बाजार से जोड़ने की कोशिश
उपायुक्त उद्योग का कहना है कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का विस्तार
योगी सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें पारंपरिक कारीगरों के हुनर को
संरक्षित करने के साथ युवाओं को रोजगार के बजाय स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में
आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। 14 नए ट्रेडों को शामिल किए जाने से योजना का
दायरा गांवों के पारंपरिक काम से लेकर आधुनिक तकनीकी सेवाओं तक पहुंच गया है।

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