Tuesday, August 25, 2026

इन्दौर नगर निगम की जनसुनवाई में आज सफाईकर्मियों का आक्रोश खुलकर सामने आया

• वाल्मीकि समाज की चारों पंचायतों की अगुवाई में बड़ी संख्या में सफाईकर्मियों ने निगम परिसर में आंदोलन किया..


नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निगम सफाई व्यवस्था के लिए लगातार आउटसोर्स कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि वर्षों से सेवा दे रहे सफाईकर्मियों के नियमितीकरण की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। आंदोलनकारियों ने कहा कि लंबे समय से काम करने के बावजूद उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा.. सफाईकर्मियों ने आयुक्त क्षितिज सिंघल को ज्ञापन सौंपकर तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है.। मांगें पूरी नहीं हुईं तो काम बंद करने की चेतावनी दी गई है.. वहीं आयुक्त ने सफाईकर्मियों की मांगों को प्राथमिकता से देखने का भरोसा दिया है।

सालों से शहर की गंदगी उठाने वाले हाथ आज खुद अपने हक के लिए सड़क पर उतर आए..इंदौर नगर निगम की जनसुनवाई में सफाईकर्मियों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि निगम प्रशासन के सामने उनकी नाराजगी साफ दिखाई दी..वाल्मीकि समाज की चारों पंचायतों ने एकजुट होकर आंदोलन की कमान संभाली.. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निगम में सफाई के काम के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों को रखा जा रहा है, लेकिन वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण पर फैसला नहीं हो रहा।


आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से निगम की सफाई व्यवस्था संभालने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया..इसी मुद्दे को लेकर सफाईकर्मियों ने निगम परिसर में जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा..मांगों को लेकर अब आंदोलनकारियों ने निगम प्रशासन को साफ चेतावनी भी दे दी है। तीन दिन में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो सफाई व्यवस्था ठप करने की बात कही गई है।

अब गेंद निगम प्रशासन के पाले में है, एक तरफ सफाईकर्मियों की वर्षों पुरानी नियमितीकरण की मांग है, तो दूसरी तरफ तीन दिन का अल्टीमेटम देखना होगा कि निगम प्रशासन बातचीत से समाधान निकालता है या शहर को सफाईकर्मियों की हड़ताल का सामना करना पड़ता है।

No comments:

Post a Comment