-अकाउंटेंट की नौकरी से तय किया अभिनय तक का सफर, क्षेत्र में खुशी की लहर
लियाकत मंसूरी
भास्कर ब्यूरो, मेरठ। कंकरखेड़ा क्षेत्र के गोविंदपुरी निवासी तरुण शर्मा टीवी
सीरियल ‘सबसे बड़ा ड्रामेबाज़’ का हिस्सा बनने जा रहे हैं। एकाउंटेंट की नौकरी से
अभिनय तक का सफर तय करने वाले तरुण का कहना है कि यहाँ तक पहुँचना उनके लिए आसान
नहीं था। मेरठ से मुंबई तक कड़ा संघर्ष किया, तब जाकर यह सफलता मिली।
तरुण शर्मा ने कहा कि मेरे लिए यह बहुत खास मौका है, क्योंकि अभिनय कभी मेरा बचपन का सपना नहीं था। मैंने अपना करियर एक अकाउंटेंट के तौर पर शुरू किया था। मेरे एम्प्लॉयर ने मेरी लंबाई देखकर मॉडलिंग करने की सलाह दी और वहीं से धीरे-धीरे इस दिशा में बढ़ा। मॉडलिंग के बाद एक दोस्त के जरिए मेरठ में थिएटर से जुड़ा और करीब चार साल तक थिएटर किया। आज टीवी के इतने बड़े मंच पर अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाने का मौका मिलना, उस पूरे सफर को सार्थक बनाता है। मेरे लिए यह एक शानदार अनुभव रहा है। यहाँ हर चुनौती आपको अभिनेता के तौर पर कुछ नया करने के लिए प्रेरित करती है। मैं कुक्कू टीवी का आभारी हूँ कि मुझे ऐसा मंच मिला, जहाँ मैं अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ लगातार सीख भी रहा हूँ। राकेश बेदी, जन्नत जुबैर और प्रिंस नरूला से मिलने वाला फीडबैक भी बहुत महत्वपूर्ण रहा है। उनके सुझावों से अपनी कमियों को समझने और अगली परफॉर्मेंस को बेहतर करने में मदद मिलती है।
बताया कि मैंने
लंबे समय तक अकाउंटेंट की नौकरी और थिएटर दोनों साथ किए। सुबह जिम, दिन में ऑफिस
और शाम को थिएटर की रिहर्सल होती थी। ऑफिस में समय मिलता तो डायलॉग याद करता था।
2017 में मुंबई आया, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कई बार वापस लौटना पड़ा
और फिर कोविड के कारण भी सफर रुक गया। इसके बावजूद परिवार और मेरे एम्प्लॉयर्स ने
हमेशा मेरा साथ दिया। महामारी के बाद मैंने अभिनय पर दोबारा पूरा ध्यान दिया और आज
‘सबसे बड़ा ड्रामेबाज़’ तक पहुँचना मेरे लिए उसी मेहनत का एक बड़ा पड़ाव है।
मां के लिए लिखी कविता
मैंने अपनी माँ के लिए एक कविता लिखी है, जिसे मैं प्रस्तुत करना चाहता हूँ।
यह पूरी तरह मेरी लिखी हुई है और मेरे दिल के बहुत करीब है। इसमें माँ के त्याग और
उस बात को व्यक्त किया है कि हम सफलता और करियर की दौड़ में अपने माता-पिता को समय
देना न भूलें। मेरी माँ मेरी सबसे बड़ी सपोर्ट सिस्टम रही हैं, इसलिए इस कविता के
जरिए मैं उनके प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त करना चाहता हूँ।
कोशिश नहीं छोड़नी चाहिए
मैंने अकाउंटेंट के तौर पर शुरुआत की थी और कभी नहीं सोचा था कि एक दिन ‘सबसे
बड़ा ड्रामेबाज़’ जैसे मंच पर पहुँचूँगा। रास्ते में कई बार रुकना पड़ा, लेकिन
मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ी। अगर मेरा सफर किसी एक युवा को भी यह भरोसा देता है
कि वह अपनी परिस्थितियों से आगे बढ़कर अपने सपने पूरे कर सकता है, तो यह मेरे लिए
बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।

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