नित्य संदेश
सावन में शंभू
देखो-देखो शिव नगरी में,
श्री महाकाल दर्शन देते है।
सावन की रिमझिम बूंदों में,
वे दयालु भक्तों से मिलते हैं।।
इंद्रधनुष ने तोरण बाँधे,
अंबर ने डमरू बजाया है।
मंद बयार मृदंग, झाँझ साधे,
मेघों ने चंवर झुलाया है।।
बिजली कौंध आरती गाए,
क्षिप्रा माँ हर-हर करती बहे।
रजत पालकी में सोहे शंभू,
पंचभूत हर-हर महादेव कहे।।
बूँद-बूँद में शिव का सुमिरन,
झरने सुनाएं आनंद मल्हार।
महाकाल की इस सवारी पर,
सावन बरसाए असीम दुलार।।
अवंतिका की भीगी गलियाँ,
भक्त-नयनों से आनंदाश्रु बहे।
गूँजे महादेव का अनाहत नाद,
भक्त शिवोऽहम्-शिवोऽहम् कहें।।
— सपना सी.पी. साहू
नित्य संदेश समाचार संपादक


No comments:
Post a Comment