Monday, August 31, 2026

संस्कार ही मनुष्य को जीने की सही दिशा देते हैं: महेंद्र रस्तौगी

 


-किसान गर्ल्स इंटर कॉलेज में वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति की हुई मासिक बैठक

नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। शिवलोक स्थित किसान गर्ल्स इंटर कॉलेज में वरिष्ठ नागरिक सेवा समिति की मासिक बैठक संपन्न हुई। बैठक में समिति के कार्यों और गतिविधियों की जानकारी दी गई। इस दौरान "नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के बीच बढ़ता फासला" विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।


गोष्ठी में जयवीर सिंह और राजीव गुप्ता ने कहा कि युवाओं और बड़ों के बीच का फासला लगातार बढ़ रहा है। नई पीढ़ी वही करना चाहती है जो उसे अच्छा लगता है, चाहे परिणाम कुछ भी हो। इसका कारण यह है कि पुरानी पीढ़ी ने संघर्ष कर जो हासिल किया, वह नई पीढ़ी को बिना संघर्ष के मिल गया। पहले माता-पिता और घर के बुजुर्ग बच्चों से शिक्षा, संस्कार और दुनियादारी पर घंटों बात करते थे, सभी साथ बैठकर खाना खाते थे, अब बच्चे अपने कमरों में जाकर खाना खाते हैं। शशि बाला ने कहा कि नई पीढ़ी को आजादी पसंद है और वह पैसा खर्च करो और कैरियर बनाओ में विश्वास करती है, जबकि पुरानी पीढ़ी अनुशासन चाहती है। इस अवसर पर विमलकांत कौशिक, जगदीश कुमार, सुमन कांत अरोड़ा, चरण सिंह राणा, मुल्ख राज, पाल सिंह, राजेंद्र कुमार कौशल, धर्म पाल, प्रसून रस्तौगी, जयभगवान सिंघल, रामवीर, आरपी सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, इंदु रस्तौगी, आशा शर्मा, शीला रानी, दमयंती सहित समिति के कई सदस्य उपस्थित रहे।


टकराव नहीं, बल्कि करें संवाद

समिति अध्यक्ष महेंद्र कुमार रस्तौगी ने कहा कि सोच अच्छी हो तो परिणाम भी सुखद होते हैं। नई पीढ़ी की सफलता के लिए अच्छे संस्कारों का होना बहुत आवश्यक है। संस्कार ही मनुष्य को जीने की सही दिशा देते हैं और बच्चों में संस्कार देने का दायित्व माता-पिता, घर के बड़े-बुजुर्गों और गुरुजनों का है। इसलिए पुरानी पीढ़ी को नई पीढ़ी से टकराव नहीं, बल्कि संवाद करना चाहिए।

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