प्रयागराज। जनपद बुलंदशहर के ग्राम सेगा, जगतपुर, परगना व तहसील स्याना के दो सगे भाइयों के बीच चल रहे पुराने बंटवारा विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की एकल पीठ ने याची अमर पाल सिंह की द्वितीय अपील को सारभूत विधिक प्रश्नों पर स्वीकार (Admit) करते हुए विवादित संपत्ति पर यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रतिवादी को नोटिस जारी कर निचली अदालत का रिकॉर्ड तलब किया है।
क्या है मामला -
याची अमर पाल सिंह की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी ने कोर्ट के समक्ष बहस करते हुए बताया कि बंटवारे का मूल वाद बड़े भाई कुंवर पाल सिंह पुत्र जहान सिंह ने लघुवाद न्यायाधीश, बुलंदशहर के समक्ष दायर किया था, जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया था। इसके विरुद्ध कुंवर पाल सिंह ने अपर जनपद न्यायाधीश, बुलंदशहर के समक्ष प्रथम अपील दायर की, जिसे अपीलीय न्यायालय ने स्वीकार कर पक्षकारों के हिस्से के निर्धारण का आदेश पारित कर दिया। इसी आदेश को चुनौती देते हुए अमर पाल सिंह की ओर से हाईकोर्ट में द्वितीय अपील दाखिल की गई।
अधिवक्ता सुनील चौधरी ने दलील दी कि यह विवाद वस्तुतः धारा 331, उ.प्र. जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम से बाधित होने के कारण सिविल न्यायालय में पोषणीय (Maintainable) ही नहीं था, लेकिन प्रथम अपीलीय न्यायालय ने पोषणीयता के इस महत्वपूर्ण विधिक बिंदु पर विचार किए बिना ही फैसला दे दिया।
याची पक्ष का कहना है कि दोनों भाइयों के बीच वर्ष 1982 में ही बंटवारा हो चुका था, जिसमें आबादी का पुराना घर बड़े भाई कुंवर पाल को और आबादी से दूर 2 मीटर गहरा खेत छोटे भाई अमर पाल को दिया गया था। छोटे भाई ने उसी खेत में अपना घर बनाकर तब से कब्जा कर रखा है। बाद में खेत के पास से सड़क निकलने पर जमीन की कीमत बढ़ गई, जिसके बाद बड़े भाई द्वारा पुनः बंटवारे की मांग की जा रही है। प्रथम दृष्टया दलीलों से संतुष्ट होकर हाईकोर्ट ने द्वितीय अपील को स्वीकार करते हुए यथास्थिति का आदेश पारित किया है।

No comments:
Post a Comment