नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। थाना टीपी नगर क्षेत्र में अनुसूचित जाति समाज की महिलाओं के खिलाफ जातिसूचक और अश्लील टिप्पणी के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अनुस्मारक जारी कर 7 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि
इस संबंध में 10 अगस्त 2026 को ही पहला पत्र भेजा गया था, लेकिन निर्धारित समयावधि
बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से अपेक्षित रिपोर्ट आयोग को प्राप्त नहीं हुई है।
अब आयोग ने अनुस्मारक प्राप्त होने के 7 दिन के भीतर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए
हैं। गौरतलब है कि यह शिकायत एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के जिला युवा अध्यक्ष
मयंक वर्मा द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में दर्ज कराई गई थी। शिकायत के अनुसार,
6 अगस्त को मोहकमपुर और शिवपुरम क्षेत्र के चार युवकों द्वारा हाईवे पर बाइक से स्टंट
करते हुए अनुसूचित जाति समाज की महिलाओं के खिलाफ जातिसूचक शब्दों और आपत्तिजनक भाषा
का प्रयोग किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का भी उल्लेख शिकायत
में किया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि थाना
टीपी नगर में इस मामले में एफआईआर संख्या 0423/2026 दर्ज की गई, जिसमें भारतीय न्याय
संहिता की धारा 196(1)(a), 352 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 लगाई गई,
जबकि एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं नहीं जोड़ी गईं। शिकायतकर्ता
ने आयोग को कॉल रिकॉर्डिंग, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल करने
तथा थाना प्रभारी और विवेचक की भूमिका की जांच कराने की मांग की थी।
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