नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि विवि के संज्ञान में आया है कि कुछ समाचार माध्यमों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह भ्रामक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है कि आंतरिक ऑनलाइन परीक्षा का प्रश्नपत्र पूर्व में ही प्रदर्शित कर दिया गया था, अथवा प्रश्नपत्र लीक (पेपर आउट) हो गया था। इस संबंध में विश्वविद्यालय स्पष्ट करना चाहता है कि यह दावा पूर्णतः निराधार, भ्रामक एवं तथ्यहीन है।
विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन आंतरिक परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व विद्यार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा पोर्टल पर एक प्रैक्टिस टेस्ट (Practice Test) उपलब्ध कराया गया था। इस प्रैक्टिस टेस्ट का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली से परिचित कराना था, ताकि वे परीक्षा पोर्टल पर लॉगिन करने, प्रश्नों का उत्तर देने, प्रश्नों के बीच नेविगेट करने, उत्तर सबमिट करने तथा परीक्षा प्रक्रिया को सुचारु रूप से समझ सकें।
इस प्रैक्टिस टेस्ट में केवल कुछ नमूना (Sample) प्रश्न दिए गए थे, जिनका वास्तविक आंतरिक परीक्षा के प्रश्नपत्र से कोई संबंध नहीं था। विद्यार्थियों को इन प्रश्नों का अभ्यास कई बार करने की सुविधा दी गई थी, ताकि वे अपने उत्तरों की समीक्षा कर सकें और यह समझ सकें कि परीक्षा प्रणाली किस प्रकार कार्य करती है। यह व्यवस्था केवल प्रशिक्षण एवं अभ्यास के उद्देश्य से की गई थी।
विश्वविद्यालय पुनः स्पष्ट करता है कि प्रैक्टिस टेस्ट में प्रदर्शित प्रश्न वास्तविक आंतरिक परीक्षा के प्रश्नपत्र का हिस्सा नहीं थे। वास्तविक आंतरिक परीक्षा निर्धारित परीक्षा प्रक्रिया के अनुसार अलग प्रश्नपत्र के माध्यम से आयोजित की गई है। अतः यह कहना कि परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही प्रदर्शित कर दिया गया था अथवा "पेपर आउट" हो गया था, पूर्णतः असत्य, भ्रामक एवं तथ्यों से परे है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आमजन से अनुरोध करता है कि वे इस प्रकार की अफवाहों एवं भ्रामक समाचारों पर ध्यान न दें तथा परीक्षा संबंधी किसी भी जानकारी के लिए केवल विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
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