नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। जमीयत उलेमा शहर मेरठ के महत्वपूर्ण विभाग "इस्लाह-ए-मुआशरा" यूनिट-11, हल्का बागपत गेट के तत्वावधान में मकसूद अली चौक स्थित ऐतिहासिक मस्जिद राय वाली में समाज सुधार को लेकर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सुधार, दीनी जागरूकता और मुसलमानों के बीच एकता व आपसी भाईचारे को मजबूत करना था। कार्यक्रम का आगाज मुफ्ती हिफ्जुर्रहमान रशीदी साहब की कुरआन-ए-करीम की तिलावत से हुआ। निजामत के फराइज जमीयत उलेमा शहर मेरठ के उपाध्यक्ष हजरत मुफ्ती मुहम्मद फहीम साहब ने अदा किए, जबकि अध्यक्षता हल्का बागपत गेट के अध्यक्ष अलहाज शेख सलाहुद्दीन साहब ने की। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन मौलाना अनवरुल हक साहब, महासचिव हल्का बागपत गेट की निगरानी में हुआ।
एकता पर जोर - अपने संबोधन में हजरत मुफ्ती मुहम्मद बिलाल साहब ने कहा कि अल्लाह तआला की मदद जमात और एकता के साथ है। जो कौम इज्तेमाइयत से कट जाती है वह कभी कामयाब नहीं हो सकती। उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ऐतिहासिक सेवाओं और आजादी में उसकी कुर्बानियों को याद किया।
नमाज की पाबंदी का पैगाम - मुफ्ती मुहम्मद यामीन साहब ने नमाज की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि नमाज इस्लाम का सबसे अहम रुक्न है और इसे किसी हाल में नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने वालिदैन से अपील की कि वे मस्जिदों को आबाद रखें और बच्चों की ऐसी दीनी तरबियत करें कि वे बालिग होने से पहले ही नमाज के पाबंद बन जाएं।
नई नस्ल की फिक्र - महासचिव हजरत मुफ्ती मुहम्मद अरशद साहब ने दीनी तालीमी बोर्ड जमीयत उलेमा-ए-हिंद का तारुफ कराते हुए कहा कि आज के फितनों के दौर में हर शख्स को दीनी तालीम की मुहिम से जुड़ना होगा। अगर नई नस्ल को दीनी तालीम से नहीं जोड़ा गया तो उनके ईमान और अकीदे की हिफाजत मुश्किल हो जाएगी। हर मुसलमान मर्द और औरत पर इतना इल्म हासिल करना फर्ज है जिससे वह अपने अकीदे की इस्लाह कर सके और हलाल-हराम की पहचान कर सके। उन्होंने कहा कि मकातिब नई नस्ल के ईमान की हिफाजत के सबसे बड़े मरकज हैं। इस मौके पर लोगों ने अपने बच्चों को मकातिब से जोड़ने का अहद किया।
गणमान्य लोगों की शिरकत - इस मौके पर जमीयत उलेमा शहर मेरठ के अध्यक्ष हजरत मुफ्ती मुहम्मद जुनैद, महासचिव मुफ्ती मुहम्मद अरशद, उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुल मलिक, नाजिम-ए-तंजीम मौलाना असजद, कारी हाशिम सगीर, मौलाना जमील साहब, मौलाना शोएब महमूदी, कारी जाहिद हक्कानी, हाफिज ताहिर साहब, मुफ्ती आमिल, मौलाना इमरान सफीर दारुल उलूम वक्फ देवबंद सहित हल्का बागपत गेट के सभी पदाधिकारी और बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन अध्यक्ष अलहाज शेख सलाहुद्दीन साहब की दुआ पर हुआ।
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