Thursday, July 30, 2026

मेडिकल कॉलेज में बड़ी उपलब्धि: हीमोफीलिया मरीज के कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चिकित्सकों की टीम ने हीमोफीलिया से पीड़ित मरीज के बाएं कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण (बाइपोलर हेमीआर्थ्रोप्लास्टी) किया है।

मरीज महेश, निवासी दयानतपुर, जनपद हापुड़, बाएं कूल्हे की हड्डी टूटने (फ्रैक्चर नेक ऑफ फीमर) के कारण अत्यधिक दर्द से पीड़ित था। उसे पहले देवनंदिनी हॉस्पिटल, हापुड़ में भर्ती कराया गया था, जहां से बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज मेरठ रेफर किया गया था। चिकित्सकों के अनुसार यह ऑपरेशन अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि हीमोफीलिया के मरीजों में रक्त का थक्का नहीं बन पाता, जिससे ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा बना रहता है। विशेषज्ञ टीम द्वारा पूरी तैयारी के साथ ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन से पूर्व रक्त आधान चिकित्सा विभाग की हीमैटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. नेहा सिंह की सलाह पर मरीज को आवश्यक फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी उचित मात्रा में दी गई, जिससे ऑपरेशन सुरक्षित रूप से संपन्न हो सका।

ऑपरेशन का सफल नेतृत्व मेडिकल कॉलेज के उप-प्राचार्य एवं हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ज्ञानेश्वर टोंक ने किया। उनके साथ डॉ. सुमित अग्रवाल, डॉ. सनव्वर अली एवं उनकी अनुभवी ऑर्थोपेडिक टीम तथा एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. योगेश मणिक व डॉ. प्रमोद चंद एवं उनकी टीम ने संयुक्त रूप से यह सफलता हासिल की। विशेष बात यह है कि यह जटिल ऑपरेशन निजी अस्पतालों की तुलना में बहुत ही कम खर्च पर सरकारी संस्थान में किया गया। फिलहाल मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। मरीज ऑपरेशन के परिणाम से संतुष्ट है और जल्द ही फिजियोथेरेपी के माध्यम से सामान्य जीवन में लौट सकेगा। डॉ. ज्ञानेश्वर टोंक ने बताया कि हीमोफीलिया से ग्रसित मरीजों का ऑपरेशन विशेष सावधानी, आधुनिक तकनीक तथा मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के समन्वय से ही संभव है। यह सफल ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज की उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है।

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