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Tuesday, July 28, 2026

अशआर—डॉ. शबनम सुल्ताना

अशआर

 1.

हमें उम्मीद थी कि रुसवा होंगे,  

तुम्हारे जाने पर तन्हा होंगे।


2. 

तन्हाइयों से उन्सीयत हो गई,  

अब कोई आए न आए हमें खुद से मोहब्बत हो गई।


3.

हमें उम्मीद थी कि रुसवा होंगे,  

तुम्हारे जाने पर हम तन्हा मोहब्बत में होंगे। 


4.  

सुकून अब दिल में रहता है,  

किसी की यादों में रौशन मेरा चेहरा रहता है।


5. 

अलविदा न की न करेंगे,  

हम उम्र भर सिर्फ तुझसे इश्क करेंगे।


— डॉ. शबनम सुल्ताना

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