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Thursday, June 25, 2026

शिक्षा एवं राष्ट्रसेवा के पुरोधा डॉ. देशराज सिंह का गौलोक गमन, सुभारती परिवार ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि




नेताजी के अनुयायी मेजर डॉ. देशराज सिंह का निधन, समाज के लिए अपूर्णीय क्षति- डॉ. अतुल कृष्ण


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ: स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय तथा सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के  नेताजी सुभाष चन्द्र बोस पीठ के चेयरमैन, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं राष्ट्रवादी चिंतक, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अनन्य अनुरागी व उनके आदर्शों की प्रतिमूर्ति मेजर डॉ. देशराज सिंह का गुरुवार को तड़के उनके घर पर निधन हो गया। उनके निधन के समाचार से न केवल सम्पूर्ण सुभारती परिवार शोक संतप्त है बल्कि पूरे मेरठ शहर में उनके जानने वालों को भी इस समाचार को सुनकर गहरा धक्का लगा है। डॉ. देशराज की स्मृति में एक शोक एवं प्रार्थना सभा का आयोजन सुभारती पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के माखनलाल चतुर्वेदी हॉल में किया गया। इसमें सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण, सुभारती विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर मेज.जन.(डॉ.)जी.के. थपलियाल,एसएम(सेनि.), कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.) ऋतेश चौधरी व विभिन्न संकायों व विभागों के सदस्यों व संकायाध्यक्षों तथा सुभारती मीडिया के सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के प्रार्थना की व अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

शोक सभा को संबोधित करते हुए सुभारती समूह के संस्थापक व प्रख्यात राष्ट्रवादी समाजसेवक डॉ. अतुल कृष्ण ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए अपने पांच दशक से अधिक के आपसी संबंधों को याद करते हुए कहा कि "मेजर डॉ. देशराज सिंह का निधन केवल सुभारती परिवार ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण शिक्षा एवं सामाजिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विचारों, कर्म और समर्पण से हजारों विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को प्रेरित किया। राष्ट्र और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

वहीं विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर मेज.जन.(डॉ.)जी.के. थपलियाल,एसएम(सेनि.) ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि "मेजर डॉ. देशराज सिंह का जीवन अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण था। उन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाया और अपने जीवन में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के आदर्शों को ढालकर समाज को उनके आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनका निधन हम सभी के लिए व्यक्तिगत एवं संस्थागत क्षति है। उनकी स्मृतियाँ और उनके द्वारा स्थापित मूल्य सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।"

इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार शर्मा ने अपनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि "मेजर डॉ. देशराज सिंह का व्यक्तित्व हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने सदैव युवाओं को राष्ट्रहित, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और विचार सदैव हमारे हृदय में जीवित रहेंगे। पत्रकारिता विभाग ही नहीं बल्कि सुभारती विश्वविद्यालय परिवार उनकी शिक्षाओं और आदर्शों को आगे बढ़ाने का आज संकल्प लेता है।"

शोक सभा के प्रारंभ में पत्रकारिता विभाग में आचार्य प्रो. अशोक त्यागी ने डॉ. देशराज सिंह के जीवन एवं व्यक्तित्व तथा उनके कृत्तित्व से सभी को परिचित कराते हुए अपनी संवेदनाएं व श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. देशराज सिंह का जाना ना केवल समाज के लिए बल्कि उनके निजि जीवन में भी एक बड़ा खाली स्थान बना गया है जिसे भरना असंभव है।

इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने दो मिनट का मौन रखकर मेजर डॉ. देशराज सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से उनकी पुण्य आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

इस दौरान डॉ. पींटू मिश्रा, डॉ. रीना विश्नोई, कर्नल राजेश त्यागी(सेनि.), डॉ. तारक प्रसाद, डॉ.दिनेश कुमार, डॉ. मोनिका मेहरोत्रा, डॉ. सीमा शर्मा, डॉ. इंद्रनील बोस, डॉ. संतोष कुमार गौतम, डॉ. प्रीति सिंह, गुंजेश ओझा, राम प्रकाश तिवारी, तरुण जैन, डॉ. नीरज ढाका, अमित कुमार, डॉ. निशि राघव, प्रज्ञा शर्मा, डॉ. लवली आदि उपस्थित रहे।

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