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Thursday, June 25, 2026

मेरठ में 'हिंडन मंथन 2026': नदियां बचाने और भूजल सुधार पर महामंथन

 नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। उत्तर प्रदेश राज्य स्वच्छ गंगा मिशन व भारतीय नदी परिषद् द्वारा संयुक्त रूप से ‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जल संरक्षण एवं नदी पुनर्जीवन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 25 जून, 2026 को मेरठ स्थित हॉटल दोआब विलास में किया गया। इस आयोजन को ‘हिंडन मंथन-2026’ का नाम दिया गया।  


गौरतलब है कि भारतीय नदी परिषद् द्वारा अपने ‘निर्मल हिंडन’ कार्यक्रम के तहत 15-19 मार्च, 2026 तक नमामि गंगे व उत्तर प्रदेश राज्य स्वच्छ नमामि गंगे के सहयोग से ‘हिंडन नदी शोध यात्रा’ का आयोजन किया गया था। इस यात्रा के माध्यम से जहां हिंडन नदी की वर्तमान परिस्थितियों को जानने का अवसर मिला वहीं नदी किनारे बसे समाज की समस्याओं को भी समझने का प्रयास किया गया। हिंडन नदी पानी की कमी, प्रदूषण व अतिक्रमण जैसी तीन बड़ी समस्याओं से जूझ रही है। नदी किनारे बसे समाज को प्रदूषित पेयजल, जल-जनित बीमारियां, फसलों को नुक्सान, बदबूयुक्त हवा तथा अनेक सामाजिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ‘हिंडन नदी शोध यात्रा’ से हिंडन नदी व हिंडन नदी किनारे बसे समाज के संबंध में जो समझ बनी है उस विषय को आगे बढ़ाने हेतु एक तकनीकि कार्यशाला ‘हिंडन मंथन’ का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न नदी विशेषज्ञों के माध्यम से हिंडन नदी व हिंडन नदी निकारे बसे समाज की समस्याओं के स्थाई हल ढूंढना रहा। इस तकनीकि कार्यशाला अर्थात ‘हिंडन मंथन’ में देश के नदी विशेषज्ञ, नदी किनारे गांवों के प्रधान, हिंडन प्रेमी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, हिंडन नदी बहाव क्षेत्र के सात जनपदों के सरकारी प्रतिनिधि व हिंडन नदी किनारे के निकायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। ‘हिंडन मंथन’  में शामिल होने वालों की संख्या 200 रही। 


हिंडन मंथन के उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, जल शक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक, बागपत के सांसद राजकुमार सांगवान, कैंट क्षेत्र के विधायक अमित अग्रवाल, मुख्यमंत्री उत्तराखंड के रणनीतिक सलाहकार मनु गौड़ व शोभित विश्वविधालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने भाग लिया। चार तकनीकि सत्रों में सी-गंगा के संस्थापक डॉ विनोद तारे, पीपुल्स साइंस इंस्टीट्यट के निदेशक डॉ अनिल गौतम, आई0सी0ए0आर0-सी0एस0एस0आर0आई0 के वैज्ञानिक डॉ डी0एस0 बुंदेला, डब्ल्यू डब्ल्यू एफ के वैज्ञानिक गौरा चंद्र दास, रिबाउंड तकनीक के संस्थापक डॉ दिनेश पोसवाल, पदमश्री भारत भूषण त्यागी, भूगर्भ जल विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के अधिशासी अभियंता अनुपम, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी व एवरो इंडिया के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल द्वारा हिंडन नदी सुधार संबंधी अलग-अलग विषयों पर अपने प्रस्तुतिकरण दिए गऐ। 


हिंडन मंथन के समापन सत्र में श्री कल्किधाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, उत्तर प्रदेश सरकार के राजनीति पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्रालय के राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार सोमेंद्र तोमर, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, पूर्व राज्य सभा सदस्य विजयपाल तोमर, उत्तर प्रदेश राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक जोगेंद्र सिंह, भारतीय नदी परिषद् के सलाहकार श्री मनु गौड़ व टीहरी के विधायक श्री किशोर उपाध्यााय शामिल हुए। विभिन्न सत्रों में सहारनपुर के मंडलायुक्त डॉ रूपेश कुमार, मेरठ मंडल के वन संरक्षक श्री आदर्श कुमार, उत्तर प्रदेश राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के कार्यक्रम निदेशक श्री जोगेंद्र सिंह, मेरठ के अतिरिक्त मंडलायुक्त श्री अमित सिंह, जिलाधिकारी शामली श्री आलोक यादव, जिलाधिकारी बागपत श्रीमती अस्मिता लाल, जिलाधिकारी मेरठ श्री वी0 के0 सिंह व जिलाधिकारी मुजफरनगर श्री उमेश मिश्रा शामिल हुए। 


हिंडन मंथन में नदी बहाव क्षेत्र के नदी प्रेमियों में सेंटर फॉर वाटर पीस के अध्यक्ष संजय कश्यप, आई0एस0आर0एन0 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष गुप्ता, सिराज केसर, दिनेश तोमर, राजीव त्यागी व पुष्पेंद्र आर्य सहित सैंकड़ों नदी प्रेमी शामिल होंगे। ‘हिंडन मंथन’ से निकलने वाले परिणामों को ‘मेरठ डैक्लेरेशन-2026’ के नाम से जारी किया जाएगा तथा इसके कार्यों को हिंडन नदी पुनर्जीवन के हेतु हिंडन व उसके किनारे बसे समाज के हित में लागू करने का प्रयास विभिन्न माध्यमों से किया जाएगा।

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