
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के सरदार पटेल सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ द्वारा शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य एवं दैनिक जीवन में योग के महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से एक विशेष योग एवं वेलनेस जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सुभारती लॉ कॉलेज के निदेशक राजेश चंद्र जी (पूर्व न्यायमूर्ति, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश) के निर्देशन तथा प्रो. (डॉ.) रीना बिश्नोई, संकायाध्यक्षा एवं प्रधानाचार्या, सुभारती लॉ कॉलेज के संरक्षण में संपन्न हुआ।
फैकल्टी ऑफ लॉ के सभागार में आयोजित इस सत्र का उद्देश्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बीच शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा योग को जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अंजुम जहाँ द्वारा किया गया, जिन्होंने योग विशेषज्ञ डॉ. शिवाजी चौबे को इस विशेष सत्र के संचालन हेतु आमंत्रित किया। डॉ. शिवाजी चोबे ने अपने जूनियर श्री सात्विक के साथ योग सत्र का नेतृत्व करते हुए प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों, प्राणायाम, ध्यान एवं वेलनेस गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने योग को केवल एक शारीरिक अभ्यास न मानते हुए इसे समग्र स्वास्थ्य, मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन का प्रभावी माध्यम बताया। सत्र में फैकल्टी ऑफ लॉ के सभी शिक्षक गण एवं अशैक्षणिक कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने और शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक संतुलन स्थापित करने में योग की भूमिका पर परिचर्चा से हुई। इसके पश्चात प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, स्ट्रेचिंग अभ्यास, श्वास तकनीक (प्राणायाम) एवं ध्यान क्रियाओं का अभ्यास किया।
अपने संबोधन में डॉ. शिवाजी चौबे ने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति के लचीलेपन, एकाग्रता, तनाव प्रबंधन क्षमता और शारीरिक फिटनेस को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग न केवल स्वास्थ्य संरक्षण का साधन है, बल्कि मानसिक सशक्तिकरण का भी प्रभावी माध्यम है। वहीं, श्री सात्विक ने पूरे सत्र के दौरान विभिन्न योग मुद्राओं का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को सही तकनीक से अभ्यास करने में सहयोग प्रदान किया। सत्र की संवादात्मक एवं सहभागिता पूर्ण शैली ने प्रतिभागियों को योग के व्यावहारिक पक्ष को समझने और उसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल करने तथा दीर्घकालिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए सकारात्मक एवं स्वस्थ आदतों को अपनाने पर विशेष चर्चा की गई। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया। यह योग एवं वेलनेस सत्र न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि प्रतिभागियों को संतुलित, स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवन शैली की दिशा में प्रेरित करने का भी प्रभावी माध्यम बना।
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